ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कारोबार करने में विदेशी कंपनियां निरंतर दिलचस्पी दिखा रही हैं। इसी क्रम में अब टर्की की नामचीन कंपनी मकेल इलेक्ट्रिक ने ग्रेनो में बिजनेस करने में अपनी रूचि दिखाई है। कारोबार जमाने के लिए कंपनी को लगभग 50 एकड़ भूमि की जरूरत है। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से डिमांड की गई है। यह कंपनी भविष्य में 500 करोड़ रुपए का निवेश करने की इच्छुक है। इलेक्ट्रिक उत्पाद निर्माता मकेल इलेक्ट्रिक की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अपनी अलग पहचान है। यदि सब-कुछ ठीक-ठाक रहा तो देश में मकेल इलेक्ट्रिक की पहली इकाई जल्द ग्रेटर नोएडा में स्थापित हो सकती है।
टर्की कंपनी मकेल इलेक्ट्रिक के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) व आईआईटीजीएनएल के एमडी सुरेंद्र सिंह, एसीईओ अमनदीप डुली आदि से प्राधिकरण कार्यालय में पहुंच कर मुलाकात की। कंपनी ने प्राधिकरण अधिकारियों के समक्ष अपना प्रस्तुतिकरण दिया। सीईओ सुरेंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी कंपनी के प्रतिनिधियों को दी। सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के आस-पास 2 एयरपोर्ट हिंडन व आईजीआई पहले से संचालित हैं। अब देश का सबसे बड़ा नोएडा एयरपोर्ट भी शीघ्र बनने जा रहा है।
सीईओ ने प्रतिनिधियों के सामने रोड व रेल कनेक्टीविटी की भी जानकरी दी। आईआईटीजीएनएल में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब व मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के बारे में जानकारी दी गई। ग्रेटर नोएडा व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर की मकेल कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रशंसा की और उद्योग लगाने के लिए भूमि उपलब्ध करने की डिमांड की। सीईओ ने कंपनी की ओर से मिले प्रस्ताव पर भूमि आवंटित करने का आश्वासन दिया। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल में मार्को रिच, अली रिजा डेन, लेनार्ड एम एन्टोनोव, उंसल करबियिक, ड्रैहिम हसूला, नीरव त्रिपाठी, नैमिश मार्फाशिया, कौशिक पांड्या, अमरदीप सिंह व सुनील कुमार शामिल रहे।
मकेल इलेक्ट्रिक विश्व के 40 देशों में व्यापार कर रही है। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि टर्की में कंपनी की मुख्य उत्पादन इकाई है। यह कंपनी स्मार्ट मीटर, एलईडी, स्विच, मीनिएचर सर्किट ब्रेकर, सर्किट ब्रेकर, स्मार्ट होम सिक्योरिटी आटोमेशन आदि उत्पाद बनाती है। कंपनी प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्ष-2025 तक भारत में 25 करोड़ स्मार्ट मीटर की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखकर कंपनी यहां निवेश करने की इच्छुक है।
















