-2004 में अधिग्रहित 800 एकड़ भूमि के बदले 6/4′ भूखंड देने का वादा 22 साल बाद हुआ पूरा
-नवंबर 27-28, 2025 को लॉटरी से आवंटित भूखंडों के पत्र 6 जनवरी 2026 को वितरित, विरोध की जगह दिखा उत्साह
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना से प्रभावित किसानों के लिए आयोजित विशेष शिविर में मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ी। जीडीए द्वारा किसानों को आवंटित किए गए भूखंडों के वितरण के तहत 762 किसानों को उनके भूखंडों के आवंटन पत्र और विशेष नंबर प्रदान किए गए। शिविर का संचालन जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में किया गया, जिसमें जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त सचिव श्याम अवध चौहान, ओएसडी कनिका कौशिक और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। किसानों को उनके विकसित भूखंडों के आवंटन पत्र वितरण के दौरान उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी किया गया।
जीडीए ने वर्ष 2004 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के तहत लगभग 1234 एकड़ भूमि अधिग्रहित की थी, जिसमें से करीब 800 एकड़ जमीन किसानों से खरीदी गई। खरीदी के समय किसानों से यह वायदा किया गया था कि उन्हें 6 प्रतिशत और 4 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसी के तहत 27 और 28 नवंबर को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में लॉटरी प्रणाली से 762 भूखंडों का आवंटन किया गया था। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि प्राधिकरण किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मधुबन-बापूधाम योजना में किए गए सभी वायदों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी किसान ने किसी कारणवश अपना आवंटन पत्र अभी तक नहीं लिया है, तो वे किसी भी कार्यदिवस में जीडीए कार्यालय आकर अपना आवंटन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। प्राधिकरण ने सभी किसानों से अपील की है कि वे कार्यालय आने के समय भूखंड आरक्षण पत्र और पहचान पत्र की प्रति अपने साथ अवश्य लाएं, ताकि आवंटन प्रक्रिया सहज और सुचारू रूप से पूरी हो सके।

















