लापरवाह बाबुओं और अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा गंभीर परिणाम, योगी सरकार ने कार्यालय में आने जाने को लेकर कर दिया है नियम का ऐलान सरकारी महकमों में मचा हड़कंप

प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह साढ़े 9 बजे से शाम छह बजे तक उपस्थिति का आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लापरवाह सरकारी अधिकारियों एवं बाबुओं की अब खैर नहीं है। डयूटी के प्रति लापरवाही बरतने की आदत ने छोडऩे पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। योगी सरकार का नया आदेश सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ससमय उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर आया है। आदेश में साफ है कि समय से दफ्तर न पहुंचने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उप्र शासन के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया है।

यह आदेश पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और छह दिवसीय कार्य सप्ताल वाले सभी कार्यालयों पर लागू होगा। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा है कि प्रत्येक कार्यदिवस में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सुबह साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक उपस्थिति रहेंगे। मध्यान भोजन का समय दोपहर एक बजे से डेढ़ बजे तक निर्धारित है। मुख्य सचिव ने मातहतों को निर्देश दिए हैं कि वह समय-समय पर संबंधित कार्यालयों का निरीक्षण करें। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित अवधि में सीट पर न मिले तो उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जो मध्यान भोजन के नाम पर कई-कई घंटे तक कार्यालय से नदारद रहते हैं। मुख्य सचिव ने मंडल स्तर से मंडलायुक्त को और जिला स्तर पर जिलाधिकारी को इस बावत औचक निरीक्षण कर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यानी भविष्य में डयूटी समय में दफ्तरों से गायब अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। दरअसल योगी सरकार की मंशा है कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनावश्यक गैरहाजिरी के कारण काम-काज प्रभावित न हो। साथ ही फरियादियों की भी सुनवाई हो सके।