फर्जी प्रमाण पत्र बनाने व भ्रष्टाचार का अड्डा बनी पिलखुवा नगर पालिका परिषद?

नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन गीता गोयल के ससुर के अलावा एक अन्य महिला गीता के ससुर का भी पालिका कर्मचारियों ने बनाया था फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

पीडि़ता गीता ने प्रमुख सचिव से लगाई दोषी नगर पालिका कर्मियों के निलंबन की गुहार

अनिल तोमर
उदय भूमि ब्यूरो
पिलखुवा।
अभी पिछले दिनों नगर पालिका परिषद पिलखुआ द्वारा वर्तमान चेयर पर्सन गीता गोयल के ससुर सुरेशचंद्र उफऱ् कालूराम के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। हालांकि यह तो अभी जांच के बाद ही पता चलेगा कि मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका परिषद की चेयरमैन ने अपने प्रभाव से जारी कराया था अथवा चेयरपर्सन के खिलाफ उसके पीछे कोई अन्य षड्यंत्र या साजिश है। फिलहाल इस प्रकरण में जांच प्रक्रिया जारी है। लेकिन यदि अतीत में झांके तो नगर पालिका परिषद पिलखुआ में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नगर पालिका परिषद द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामले है। यह भी सर्वविदित है कि नगर पालिका परिषद कर्मियों द्वारा एक ठेकेदार को पेमेंट दिलाने की एवज में हुए रिश्वतखोरी कांड को भी नहीं भुला पाए हैं। इस कांड में नगर पालिका परिषद के कर्मियों के शोषण से तंग आकर एक ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। एंटी करप्शन टीम ने इस प्रकरण में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन टीम द्वारा इस रिश्वतखोरी कांड की जांच भी अभी जारी है। नगर पालिका परिषद कर्मचारियों की इन भ्रष्ट व फर्जी कारगुजारियो से परिषद की छवि लगातार धूमिल होती जा रही है। फिलहाल, वर्ष 2016 में जारी एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले नगर पालिका परिषद के मुहर्रिर प्रहलाद सिंह तथा सुपरवाइजर सुरेंद्र कुमार को अविलंब निलंबन के लिए गीता पत्नी बबलू सागर निवासी मोहल्ला डबरिया ने उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव नगर विकास से निलंबन के लिए गुहार लगाई है। गीता ने बताया के उसके ससुर मथन सिंह बीमार हुए। उन्हें 21 सितंबर को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तथा उनकी मृत्यु 3 अक्टूबर 2016 को दिल्ली फोर्टिस अस्पताल में ही हो गई। जिसके समस्त कागजात उनके पास है।लेकिन पिलखुवा नगर पालिका परिषद कर्मियों द्वारा उनके ससुर मथनसिंह की मृत्यु 4 अक्टूबर 2016 को पिलखुवा में दर्शाते हुए एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया गया। जब उन्हें इस फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का पता चला तो उन्होंने इस संबंध में एक एफ आई आर पिलखुआ थाना में दर्ज कराई। जिससे नगर पालिका परिषद में कार्यरत प्रहलाद सिंह मौर्य तथा सुरेंद्र कुमार सुपरवाइजर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी झूठ में कूट रचित प्रमाण पत्र तैयार कर दिया गया।तथा उनके जेठ भगवत जौहरी को निर्गत कर दिया। इस फर्जी प्रमाण पत्र से उन्हें संपत्ति का बहुत नुकसान हुआ। वर्तमान में यह दोनों लोग नगर पालिका परिषद में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इसी संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिखकर उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग की है।गीता ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी हापुड़ आयुक्त मेरठ तथा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को दोनों दोषियों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की मांग की है।
पीडि़ता गीता ने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र से उसका जेठ संपत्ति से उसके अधिकार को वंचित कर रहा है। वह विधवा है। जैसे तैसे मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रही हूं। ऐसे भ्रष्ट लोगो की वजह से बहुत परेशानी है। मुझू न्याय की उम्मीद है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोप सिद्ध होने के बाद भी दोनों कर्मचारी ड्यूटी कर रहे है। उन्हें अविलंब निलंबित किया जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि ईमानदारी व न्याय की जीत होगी।