गुलाम को हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर फक्र

राज्य सभा में प्रधानमंत्री मोदी भी हो गए भावुक

नई दिल्ली। राज्य सभा में आज कुछ बेहद भावुक पल देखने को मिले। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद गुलाम नबी आजाद का कार्यकाल पूरा होने को है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री और कुछ सांसदों ने विदाई भाषण में आजाद की कार्यशैली को खूब सराहा। खुद गुलाम नबी आजाद ने भी दिल को छू लेने वाली बात कहकर काफी प्रशंसा बटोरी। राज्य सभा में आजाद ने कहा कि मैं खुशकिस्मत हूं कि पाकिस्तान नहीं गया। मुझे हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जैसी बुराइयां समाज में हैं, वह बुराइयां हिंदुस्तानी मुसलमान में नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले का जिक्र कर भी वह भावुक हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुलाम नबी आजाद की बात करते-करते भावुक हो गए। पीएम मोदी ने राज्य सभा में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुलाम नबी ने उस दिन उन्हें फोन किया। वह फोन पर रो रहे थे। उस समय मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। गुलाम नबी से मेरे रिश्ते दोस्ताना रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की घटना का उल्लेख कर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह (गुलाम नबी आजाद) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। हम दोनों की गहरी निकटता थी। एक बार गुजरात के यात्री जम्मू-कश्मीर घूमने गए। वहां आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया था। करीब 8 नागरिक मारे गए। सबसे पहले गुलाम नबी ने मुझे फोन किया। यह कहकर पीएम मोदी भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू निकल आए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह फोन मुझे सूचना देने का नहीं था। उनके आंसू रूक नहीं रहे थे। उस समय प्रणब मुखर्जी रक्षा मंत्री थे। मैंने उन्हें फोन किया कि यदि फोर्स का हवाई जहाज मिल जाए शव लाने के लिए तो सही रहेगा। उन्होंने कहा कि मैं व्यवस्था करता हूं।