गाजियाबाद और हरियाणा के अधिकारियों की मीटिंग
गाजियाबाद। जनपद में भ्रूण हत्या को रोकने और लिंगानुपाल बढ़ाने के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की गई है। जिले में लिंगानुपात को 913 से बढ़ाकर 950 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हरियाणा के 6 जनपदों के अधिकारियों के साथ मिलकर बुधवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बैठक की। बैठक में सीडीओ अस्मिता लाल, सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता, डॉ. मुंशी लाल, डॉ. सुनील त्यागी, डॉ. जीएल सिंघल प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर हरियाणा, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ.आंचल त्रिपाठी, डॉ. हरीश आर्या, डॉ. हरजिंदर सिंह, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. आदर्श शर्मा आदि मौजूद रहे। हरियाणा के जनपद जिंद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत व फरीदाबाद के पीएसपीएडंडीटी के नोडल एवं हरियाणा राज्य के स्टेट नोडल अधिकारियों के साथ लिंगानुपात बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी पांडेय ने कहा कि वर्तमान में लिंगानुपात 913 को बढ़ाकर 950 तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लिंग परीक्षण में 2 तरह के लोग शामिल होते हैं। इनमेंं एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में अपंजीकृत लोग बैठकर कार्य करते हैं। जबकि अपंजीकृत पोर्टेबल मशीनों के जरिए कार्य करते हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी धरपकड़ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में लोनी, मुरादनगर, खोड़ा और इनके आसपास के जिले गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मेरठ, बागपत में भू्रण लिंग पता करने के लिए कार्य में दलाल सक्रिय है। हरियाणा की टीम ने एक सूची मौके पर उपलब्ध कराई। इसमें एसएसपी को कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है। ताकि उन्हें जल्द ट्रैप किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि समीक्षा में जिला स्तर पर एक दस्ते का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसमें एक मजिस्ट्रेट, 2 डॉक्टर, एक पुलिस अधिकारी को शामिल किया गया हैं। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में पीसीपी एंड डीटी एक्ट के तहत जनपद स्तर पर नोडल डॉ. मुंशील लाल के स्थान पर डॉ. सुनील त्यागी को नोडल अधिकारी बनाया है। पूरी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल को अपना प्रतिनिधि नामित किया। यह अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई कराना सुनिश्चित कराएंगी। इसके अलावा वाटसऐप गु्रप भी बनाया गया है। जिसमें अंतरराज्यीय और जिले के पीसीपी एंड डीटी एक्ट से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है।
















