गाजियाबाद। पार्षद अजय शर्मा ने नगर निगम ने टैक्स वसूली के नाम पर जनता से धोखेबाजी करने का आरोप मढ़ा है। पार्षद का कहना है कि नगर निगम एक साल का एडवांस टैक्स वसूला जाता है। इसके बाद बकाया पर भवन स्वामी को नोटिस जारी कर दिया जाता है। नोटिस भेजने की प्रक्रिया कानून सम्मत नहीं है। पार्षद का कहना है कि बकाया संपत्ति पर नोटिस तभी भेजा जा सकता है जब बकाया राशि एक साल पुरानी हो। जब नगर निगम द्वारा एडवांस में टैक्स की वसूली की जा रही है तो नोटिस भेजने का औचित्य नहीं बनता। कविनगर जोन अंतर्गत संजय नगर निवासी सुमन त्यागी ने वर्ष 2019-20 में 2400 रुपए का टैक्स जमा कराया था। जबकि वर्ष 2020-21 में नगर निगम द्वारा 5901 रुपए का डिमांड नोटिस सुमन त्यागी को भेजा गया है। जबकि सुमन ने पिछले साल का टैक्स जमा करा रखा है। नगर निगम एडवांस में नोटिस भेजकर करदाताओं का उत्पीडऩ कर रहा है।
















