-कोविड की संभावित थर्ड वेव से निपटने की तैयारियां भी जोरों पर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के जिले में केस घटने के बाद अब 7 जून तक जिला भी लॉकडाउन से अनलॉक हो सकता है। जिले में गुरूवार को जहां 25 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई। वहीं,कोरोना को मात देने वाले 281लोगों को डिस्चार्ज किया गया।जिले में मौत का आंकड़ा अब तक 446 तक पहुंच गया है। जबकि कोरोना के सक्रिय केस घटकर अब 727 तक रह गए है। कोरोना के केस घटने के बाद अब 7 जून तक जिला अनलॉक हो सकता है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। गुरूवार को वैशाली स्थित पीएसी की 41वीं वाहिनी के गेस्ट हाउस में जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रतिबंधों के साथ व्यापारिक समेत अन्य गतिविधियों का संचालन करने को लेकर बैठक की। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह,एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता,एसडीएम खालिद अंजुम आदि अधिकारियों की मौजूदगी में आरडब्लूए,ऑटो,ट्रांसपोर्ट यूनियन,होटल एसोसिएशन एवं व्यापार मंडल के 5-5 प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी को स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट कार्यक्रम का अनुपालन करना होगा।बाजारों से लेकर दुकानों मेंं सभी संस्थानों में नो मास्क नो डील का पालन सुनिश्चित करना होगा। जबकि सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारी कम्युनिटी पुलिसिंग के साथ संबंध में सहयोग दिया जाएगा। वॉलिटिंयर्स भी नियुक्त किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के चलते रामशरण इंडो जर्मन अस्पताल को चाइल्ड डेडीकेटेड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा हैं। जबकि संतोष मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का पीआईसीयू तैयार होगा। इसी प्रकार अन्य अस्पतालों में भी 10-10 बेड बच्चों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित होगी।बैठक में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों के द्वारा जिला प्रशासन को सहयोग करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना संक्रमण को कम करने एवं इसे पूर्ण रूप से नियंत्रित करने के उद्देश्य से स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट जोन कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम के सभी 100 वार्डों में लागू कराया है इस योजना के अंतर्गत नगर निगम के सभी 100 वार्ड को दो कैटेगरी में विभाजित किया गया है। एक में जहां अधिक केस है,वहां पर कंटेनमेंट जोन पॉलिसी का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। वहीं,कोविड कंट्रोल रूम के माध्यम से होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को प्रतिदिन दिन में तीन बार कॉल करके उनके हालचाल की जानकारी ली जा रही है। ऐसे ही मरीज अपने घरों से बाहर ना निकले। इंसीडेंट कमांडर द्वारा मरीजों पर नजर रखी जा रही हैं। जिला प्रशासन ने स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेंटमेंट पॉलिसी लागू कराने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत वह निगरानी समितियों,एओए,आरडब्ल्यू ए स्थानीय पार्षदों के माध्यम से स्थानीय लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल के बारे में समझाया जा रहा है, जैसे 2 गज की दूरी बनाए रखे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 600 एवं इससे कम केस की संख्या होने पर जनपद में विभिन्न व्यवसायिक एवं अन्य गतिविधियों को संचालित किया जाएगा।बाजार एवं व्यवसायिक गतिविधियां खुलने पर सभी प्रतिनिधियों के द्वारा स्वैच्छिक सामुदायिक कंटेनमेंट कार्यक्रम को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित किया जाए, ताकि सभी नागरिकों कोरोना संक्रमण से सुरक्षित बनाया जा सके। बाजार खुलने पर सभी दुकानदारों के द्वारा अपने अपने संस्थानों पर नो मास्क नो डील की योजना लागू करते हुए ग्राहकों को सामान की बिक्री सुनिश्चित की जाएगी। कोरोना काल में ऑटो संचालक भुखमरी के कगार पर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के द्वारा बड़े स्तर पर आटों के चालान किए जा रहे हैं, जिसके कारण ऑटो संचालकों के सम्मुख अपने परिवार भरण पोषण को चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई करने के लिए सभी को आश्वस्त किया। सीएसओ को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों के द्वारा व्यापारिक संस्थानों में कार्य करने वाले कार्मिकों ऑटो संचालकों एवं अन्य वाहन चालकों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
















