नियोजन विभाग को विभिन्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने बुधवार को नियोजन विभाग के काम-काज की समीक्षा की। बैठक के दौरान सीईओ ने जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानचित्र में सिर्फ एक बार आपत्ति लगाई जाए। उधर, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत व व्यवसायिक श्रेणी के अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए अब आॅनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिल गई है। ऑनलाइन प्रमाण पत्र भी मिल सकेंगे। इसके लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव कर इसे लाइव कर दिया गया है। सप्ताहभर के ट्रायल के बाद इसे नागरिकों के लिए आरंभ कर दिया जाएगा। नियोजन विभाग के साथ बैठक में सीईओ ने यह निर्णय लिया। सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि मानचित्र में सिर्फ एक बार आपत्ति लगाई जाए। निराकरण नहीं होने पर मानचित्र निरस्त कर दिया जाए। निरस्तीकरण की तिथि से 6 माह में यदि संशोधित मानचित्र जमा कराया जाता है तो शुल्क नहीं लिया जाए। इसके बाद शुल्क देना होगा। ओबीपीएएस सॉफ्टवेयर में संशोधन किया जाए। ओबीपीएएस व कंपलीशन के सॉफ्टवेयर में हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं ताकि आर्किटेक्ट को किसी प्रकार की समस्या न हो। लगभग 15 मानचित्र ऐसे थे, जिनमें कई बार आपत्ति लगाई गई। जिनका निराकरण कर दिया गया है। निवेश मित्र में भी सिर्फ एक बार संपूर्ण आपत्तियां दी जाएं। यदि इनका निराकरण नहीं होता तो निरस्त कर दिया जाए। सीईओ माहेश्वरी ने कहा कि आॅफलाइन अधिभोग प्रमाण पत्र में जितने भी मामले लंबित हैं, उसकी सूची 11 जून तक प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि 5 प्रतिशत के कई मामले लंबित है, जिनके लिए 10 गांवों में भूमि उपलब्ध है। इसका प्रस्ताव सप्ताहभर में स्वीकृत कराए जाएं। सेक्टर-161 से 165 तक ले आउट प्लान 3 दिन में तैयार किया जाए।















