सरकारी छुट्टी पर UP में लगी रोक, 12 जुलाई तक प्रभावी रहेगा आदेश

UP में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के मद्देनजर सरकार का फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ( UP ) में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को सुचारू एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। चुनावी तैयारियों को निर्विघ्न जारी रखने के मकसद से सभी प्रकार के अवकाश पर 12 जुलाई तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूर्व में स्वीकृत अवकाश भी निरस्त हो गए हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अगले 5 दिन तक ऑन डयूटी रहना पड़ेगा।

UP में ब्लॉक प्रमुख के 825 पदों पर निर्वाचन होना है। इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में किसी प्रकार की अड़चन न आए, इसे ध्यान में रखकर सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। ताजा आदेश के मुताबिक 12 जुलाई तक सभी प्रकार के अवकाश पर बैन लगा दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है। मुख्य सचिव की तरफ से इस सिलसिले में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सभी विभागाध्यक्षों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव का कार्यक्रम इश्यू कर दिया है। चुनाव कार्य में राजकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके चलते 12 जुलाई तक किसी भी प्रकार का अवकाश मंजूर नहीं होगा। जिनके अवकाश मंजूर हो चुके हैं, उन्हें निरस्त माना जाएगा। बेहद आवश्यक होने पर अवकाश की मंजूरी मिलेगी।

उप्र शासनUP ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों को अह्म जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रेक्षक के तौर पर तैनात किया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने संबंधित प्रेक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। सभी प्रेक्षक अपने तैनाती के जनपदों के मुख्यालय में 9 जुलाई के पूर्वान्ह तक अवश्य पहुंच कर लिखित सूचना आयोग को उपलब्ध कराएंगे। सभी प्रेक्षक मतदान एवं मतगणना की समुचित तैयारियों के संबंध में बैठक करेंगे। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र तरीके से संपन्न कराने को आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई गंभीर समस्या एवं अनियमितता सामने आती है तो निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी देनी होगी।

मतदान एवं मतगणना पूर्ण होने के उपरांत निर्वाचन सामग्री को डबल लॉक में सुरक्षित रखवाने की सूचना आयोग को देने के बाद 10 जुलाई को प्रेक्षक संबंधित जिला मुख्यालय को छोड़ सकेंगे। बता दें कि उप्र में कुछ दिनों पहले जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव कराए गए हैं। 75 जिलों में यह चुनाव हुए थे।