-मास्क लगाए मगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही
गाजियाबाद। सावन माह की महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर बम-बम भोले के उद्घोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर गंगाजल, दूध, दही, शहद व घी से अभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने फल-फूल चढ़ा कर मन्नतें मांगी। हालांकि, कोरोना संक्रमण के चलते कांवड़ यात्रा पर रोक और अधिक संख्या में भक्तों के आने की मनाही को देखते हुए काफी कम संख्या में भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक किया। हर वर्ष शिवरात्रि पर जहां दूधेश्वरनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में शिव भक्त जल चढ़ाने पहुंचते है।
वहीं शुक्रवार को सीमित संख्या में ही जल चढाने के लिए भक्त पहुंचे। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर रोड और जस्सीपुरा मोड़ पर बैरिकेटिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। भीड ना होने के कारण जीटी रोड मार्ग वाहनों के लिए खुला रहा। श्रद्धालुओं ने महादेव के जयकारों के साथ जलाभिषेक कर महादेव से सुख-शांति की मन्नत मांगी। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने मजिस्ट्रेट एवं एसपी,सीओ और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्तकता बरतने और शांतिपूर्ण जलाभिषेक कराने के निर्देश दिए थे। 
वहीं, एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर पुलिस अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहे। जिले में मोदीनगर, मुरादनगर, मसूरी, डासना से लेकर लोनी, साहिबाबाद, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, मोहननगर आदि क्षेत्रों के अलावा शहर का प्रचीन सिद्वपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिरों में श्रृद्धांलुओं ने मास्क तो लगाया मगर सोशल डिस्टेंसिग का पालन नही किया। दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया क श्रावण में सोमवार के व्रत और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है और इसीलिए इस माह को शिव आराधना का सिद्ध मास कहते हैं। भगवान शिव की पूजा का सर्वश्रेष्ठ काल प्रदोष समय माना गया है। 
सावन का पूरा महिना ही शिव को प्रिय होता है लेकिन सावन मास की शिवरात्रि पर्व भगवान भोले को अधिक प्रिय है। महज जल अर्पण करने से ही भगवान अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन भगवान का पूजन करने से उनकी कृपा हमेशा अपने भक्तों पर बनी रहती है। उन्होंने बताया चर्तुेदशी का जलाभिषेक शुक्रवार शाम 6 बजकर, 28 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सात अगस्त तक जारी रहेगा। 
इससे पूर्व त्रयोदशी का जलाभिषेक करने के लिए भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। कोरोना को देखते हुए भक्तों से अपील की गई थी कि वह कम संख्या में मंदिर पहुंचें। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। मंदिर में कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। मंदिर में भक्त भी सोशल डिस्टेंस का पालन करते दिखे। मंदिर में भीड़ अधिक नहीं रही लेकिन भक्त निरंतर जलाभिषेक के लिए मंदिर में पहुंचते रहे। 
बता दें कि श्रावण माह की शिवरात्रि का अलग ही महत्व होता है। श्रावण मास की शिवरात्रि पर श्रद्धालु हरिद्वार व गंगोत्री से गंगा जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कोरोना के कारण इस बार उत्तराखंड सरकार ने कावड़ यात्रा पर पाबंदी लगाई हुई है। कावड़ यात्रा पर पाबंदी के बावजूद श्रद्धालुओं ने गंगाजल से विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन हो इसके लिए प्रबंध समिति के सेवादारों ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं लाइन में लगवा कर जलाभिषेक कराया।
सुरक्षा के मंदिर में कड़े इंतजाम
महाशिवरात्रि पर्व के चलते सिद्वपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में जहां 200 से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। वहीं, एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने एसपी सिटी निपुण अग्रवाल,सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार, सीओ महिपाल सिंह, नगर कोतवाली प्रभारी अमित कुमार काकरान पुलिस फोर्स के साथ मंदिर में व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहे। इनके अलावा क्षेत्रवार एडीएम, एसडीएम एवं सीओ और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में शिवरात्रि पर मुस्तैद रहे। 
दूधेश्वरनाथ मंदिर में दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों से मंदिर परिसर की निगरानी की गई। पुलिस जलाभिषेक के दौरान कोविड-19 के प्रोटोकाल का खास ध्यान रखवाया। मंदिर के आसपास शोहदों पर पुलिस की खास नजर रहीं। दूधेश्वरनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर प्रबंधन से मिलकर पहले ही पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया गया था। पुलिसकर्मियों की दो शिफ्टों में गुरूवार की रात 10 बजे से शुक्रवार सुबह 10 बजे और शुक्रवार सुबह 10 बजे से जलाभिषेक की समाप्ति तक की ड्यूटियां लगाई गई हैं। तीन सीओ को आठ-आठ घंटे की राउंड-द-क्लाक ड्यूटी लगाई गई है। इनके साथ तीन इंस्पेक्टर, महिला इंस्पेक्टर, दो प्लाटून पीएसी समेत अन्य पुलिसबल की तैनाती की गई है। त्रयोदशी पर चढऩे वाला जलाभिषेक बृहस्पतिवार रात से शुरू हो गया था। वहीं, शुक्रवार को चतुर्दशी का जल सुबह से चढ़ा। एसपी सिटी ने बताया कि दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे मंदिर परिसर के बाहर व भीतर लगाए गए हैं। इनका कंट्रोल रूम कैला भ_ा चौकी व मंदिर परिसर में बनाया गया है। इसके साथ ही मंदिर में डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) व एचएमडी (हैंड मेटल डिटेक्टर) भी लगाए गए हैं। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में पडऩे वाले मंदिरों में जलाभिषेक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रखें।
















