पर्यावरण प्रदूषण और ओजोन परत पर राष्ट्रीय सम्मेलन का संचालन

गाजियाबाद। पर्यावरण से ही हम हैं। पर्यावरण का हर किसी के जीवन के लिए बहुत महत्व है क्योकि पृथ्वी पर जीवन पर्यावरण से ही संभव है। पर्यावरण आंशिक जलवायु में संतुलन बनाए रखता है लेकिन जीवन के लिए सभी आवश्यक चीजें भी प्रदान करता है। पर्यावरण संरक्षण का सभी प्राणियों के जीवन और इस पृथ्वी के संपूर्ण प्राकृतिक पर्यावरण से गहरा संबंध है। प्रदूषण पूरी पृथ्वी को प्रदूषित कर रहा है और मानव सभ्यता का अंत निकट में दिखाई दे रहा है।
ओजोन दिवस के अवसर पर राजकुमार गोयल इंस्ट्रीटयूट ऑफ़ टेक्नोलोजी एण्ड मैनेजमेंट गाजियाबाद ने राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञापन अकादमी (एलईएसए) नई दिल्ली के सहयोग से पर्यावरण प्रदूषण और ओजोन परत 2021 पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।ओजोन परत के क्षरण के संभावित समाधान खोजने के लिए यह दिन मनाया जाता है। कहा जाता था कि ओजोन परत का मुख्य कारण और कुछ नही बल्कि हम स्वंय है। अज्ञानता में वातावरण में गैसों की संख्या बढ गई जो पृथ्वी की रक्षा करने वाली ओजोन परत को नष्ट कर रही है।भव्य सम्मेलन की शुरूआत कॉलेज के बच्चों द्वारा दीप प्रजालन और सरस्वती वदना के साथ हुई और औपचारिक रूप से डॉ राकेश गोयल, निदेशक, राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नालोजी एण्ड मैनेजमेंट द्वारा शुरू की गई, इस कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी सत्र हुए जिसमें विभिन्न संस्थानों के निदेशको, प्रोफेसरों ने भाग लिया तथा अपने विचार रखें। जावेद अहमद अध्यक्ष (एलईएसए), डॉ सुशील कुमार सिंह, अतिरिक्त निदेशक और वैज्ञानिक, डॉ डी आर सोमशेखर निदेशक आरकेजीआईटी, आनन्द शर्मा, मुख्य अतिथि, एडीजी आईएमडी (भारत सरकार), दिनेश कुमार गोयल (सदस्य, विधान परिषद)/अध्यक्ष आरकेजीआईटी व, वाइस चैयरमेन अक्षत गोयल, प्रो0 लक्ष्मण प्रसाद, डॉ डीके चैहान, डॉ आरके यादव (एचओडी-ईसीई), डॉ यू0के0चैधरी (एचओडी-ईईई) ने उपस्थित रहकर सम्मेलन की शोभा बढाई। मुख्य अतिथि आनंद शर्मा ने बच्चों और अन्य सदस्यो को ओजोन और पर्यावरण के लाभों पर मार्गदर्शन किया। सम्मेलन के दौरान उन्होने बताया कि 1992 में विश्व के 174 देशों का पृथ्वी सम्मेलन ब्राजील में पर्यावरण प्रदूषण को ध्यान मे रखते हुए आयोजित किया गया था। सम्मेलन में वक्ता प्रो0 उमेश चन्द्र कुलश्रेष्ठ (जेएनयू, नई दिल्ली), प्रो0 बोयना रूपिनी (इग्नू, नई दिल्ली), डॉ दीक्षा दवे, (इग्नू, नई दिल्ली), डॉ अनीता जैन (वीबीआरआई, उदयपुर), डॉ सैयद शबीह हसन (गावासु, लुधियाना) और देश भर से कई अन्य लोगो ने अपने विचार व्यक्त कियें। अंत में आयोजन सचिव शैलेश कुमार गुप्ता ने सभी सम्मानित अतिथियों एवं प्राध्यापकों का आभार व्यक्त किया।