-जिले को अपराध मुक्त एवं कानून व्यवस्था सुधारने के डीएम ने दिए निर्देश
गाजियाबाद। जिले को अपराध मुक्त करने एवं कानून व्यवस्था कायम करने के लिए अब जिला प्रशासन एवं पुलिस ने कमर कसना शुरू कर दिया है। हमारा क्षेत्र अपराध मुक्त कैसे हो सके। इसके लिए अधिकारी खुद तय करें। अपराधी को सजा दिलाना हम सबका दायित्व है। इसलिए सभी अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपराधिक मामलों में तत्काल आवाश्य कार्रवाई कराई जाए। न्यायालयों से जारी किए गए समन की तामील शत-प्रतिशत रूप से कराई जाए। यह बातें बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने एडीएम सिटी बिपिन कुमार, एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा, एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र, जिला शासकीय अधिवक्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिले को अपराध मुक्त करने एवं कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए बैठक करते हुए कहीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षा एवं सम्मान को दृष्टिगत रखते हुए अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टोलरेंस एवं शांति और सौहार्द कायम करना सभी का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि कानून के तहत बेहतर ढंग से संधारण करने एवं लोगों की सुरक्षा को बढ़ाने, आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने लंबित आपराधिक मामलों के निस्तारण के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ता वार वादों में प्रगति की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में गिरोह बंद अधिनियम की धारा-14 (1) के तहत अवैध रूप से अर्जित चल,अचल संपत्ति की जब्तीकरण की कार्रवाई, माफियाओं, पेशेवर अपराधियों, टॉप-10 बदमाशों के विरूद्ध न्यायालयों में लंबित वादों में दोष सिद्ध करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध घटित हुई आपराधिक वारदातों में प्रतिमाह जिले में वादों का निस्तारण कराए जाने आदि मामलों में विचार विमर्श करने के बाद दिशा-निर्देश दिए। पेशेवर अपराधियों के मुकदमों में प्रभावी अभियोजन करते हुए उन्हें सजा दिलाने के निर्देश दिए।
बदमाशों को शत-प्रतिशत सजा दिलाने की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध अभियोजन को अधिक मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आपराधिक वादों में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधियों को सजा दिलाए। वादों में निर्धारित तारीख पर गवाहों को सुरक्षित रूप से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने एवं सभी आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए अपराधी को निश्चित रूप से सजा कराएं। ताकि अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में भय बन सकें। पॉक्सो एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर,आबकारी से संबंधित वादों सहित गंभीर अपराधों में दर्ज मुकदमों में बदमाशों को शत-प्रतिशत सजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। गंभीर धाराओं में अभियोजित वादों में प्रभावी रूप से पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाए। महिलाओं के साथ घटित होने वाली आपराधिक वारदातों में प्राथमिकता पर सजा कराने के लिए विशेष रूप से लक्ष्य बनाकर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिनके पास अधिक वाद है। वह तेजी से निस्तारित होने वाले वादों को प्राथकिमता पर लेकर निस्तारित कराएं। ताकि अपराधियों को समय से सजा भी कराई जा सके।
















