इंदिरापुरम में दूर होगी कूड़े की विकट समस्या

एनजीटी के आदेश के बाद काम शुरू, नगर निगम ने वर्कऑर्डर दिया

गाजियाबाद। इंदिरापुरम में डंपिंग ग्राउंड की गंदगी से जल्द साढ़े छह लाख की आबादी को निजात मिल सकेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर डंपिंग ग्राउंड को हटाने और तकनीकी तरीके से कूड़े का निस्तारण करने के लिए जीडीए और नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम ने प्राइवेट कंपनी को कूड़े का निस्तारण करने हेतु वर्कऑर्डर जारी किया है। यह कंपनी मशीनें लगाकर छह माह में कूड़े का निस्तारण करेगी। छह माह में निजी कंपनी कूड़ा निस्तारण कराकर जीडीए को यह जमीन सौंपेगी।  प्रोजेक्ट के लिए जीडीए के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इंदिरापुरम के शक्ति खंड में पहाड़ की तरह बन चुके कूड़ा के ढेर को लेकर पिछले करीब 8 साल से नागरिकों द्वारा डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा उठवाने की मांग की जा रही थी। कई बार जीडीए अधिकारियों से मुलाकात भी की गई, मगर कोई समाधान नहीं हो सका। डंपिंग ग्राउंड में काफी मात्रा में कूड़ा एकत्र होने से जीडीए या नगर निगम के पास संसाधनों की कमी थी। चार माह की जद्दोजहद के बाद अब नगर निगम द्वारा प्राइवेट कंपनी को वर्कऑर्डर जारी किया गया हैं। कंपनी छह महीने में 5000 किलोग्राम से ज्यादा कूड़े का निस्तारण करेगी। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि निजी कंपनी को करीब 3.25 करोड़ रुपए का टेंडर छोड़ा गया है। कंपनी ने टेंडर की सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वर्कऑर्डर जारी किया गया। कंपनी की तरफ से डंपिंग ग्राउंड में मशीनें लगाकर कूड़े को डिस्पोज किया जाएगा। प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर बनाए रखने के लिए जीडीए के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, नगर निगम के अधिशासी अभियंता देशराज सिंह ने बताया कि निजी कंपनी को इस हफ्ते डंपिंग ग्राउंड में काम शुरू करना है। एनजीटी के आदेश पर यह काम होगा। कंपनी के लोग वहीं मशीनें लगाकर कूड़े का निस्तारण करेंगे। जबकि वेस्ट मैटीरियल से बेस्ट आइटम्स भी बनाने का काम चलेगा। कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर करीब सवा तीन करोड़ का डाला गया है। इसकी टेक्नीकल बिड और फाइनेंशियल बिड पूरी होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। जीडीए के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार का कहना है कि छह माह में कंपनी को कूड़ा निस्तारण करना है। इस बीच शासन और प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उधर, म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि इंदिरापुरम के शक्ति खंड में कूड़े का निस्तारण एनजीटी के आदेश पर किया जाएगा। प्राइवेट कंपनी को कूड़े का निस्तारण करने के लिए वर्कऑर्डर जारी कर दिया गया है। नगर निगम का इस पर 3.25 करोड़ रुपए खर्च होगा। कंपनी यहां से कूड़ा निस्तारण करने के बाद खाली जमीन जीडीए को सौंपेगी। जीडीए और नगर निगम की देखरेख में कूड़ा निस्तारित कराया जाएगा।