बरेली। महर्षि वाल्मीकि एवं भारत के पहले उप प्रधानमंत्री/ गृहमंत्री /लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल तथा समाजवाद के महानायक दार्शनिक एवं शिक्षाविद आचार्य नरेंद्र देव की जयंती समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित की गई।इस मौके पर वक्ताओं ने सभी महान विभूतियों के जीवन पर रोशनी डालते हुए बताया कि महर्षि वाल्मीकि ने “रामायण” जैसे प्रसिद्ध ग्रन्थ की रचना की। वाल्मीकि राम के समकालीन थे। जब श्रीराम ने सीता का त्याग कर दिया था। तब महाऋषि वाल्मीकि ने ही इनको आश्रय दिया था। उनके आश्रम में ही माता सीता ने लव-कुश को जन्म दिया। जब श्रीराम से अश्वमेध यज्ञ किया तो लव कुश ने वाल्मीकि के आश्रम में यज्ञ के घोड़े को बाँध लिया। बाद में उन्होंने लक्ष्मण की सेना को पराजित कर अपना शौर्य दिखाया।
सरदार पटेल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में देश ने नई ऊंचाईयों को छुआ। किसानों का दुख दर्द को समझते थे। हमेशा गरीबों के हितैषी रहे।
वक्ताओं ने नरेंद्र देव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के प्रसिद्ध विद्वान, समाजवादी, विचारक, शिक्षाशास्त्री और देशभक्त थे। नरेन्द्र देव जी गरम विचारों के व्यक्ति थे। वे सन 1916 से 1948 तक ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी’ के सदस्य रहे थे। देश की आज़ादी के लिए इन्होंने कई बार जेल यात्राएँ भी की। आचार्य नरेन्द्र का व्यक्तित्व बड़ा ही असाधारण था। वे हिन्दी, संस्कृत, फ़ारसी, अंग्रेज़ी, पाली आदि भाषाओं पर समान अधिकार रखते थे। बौद्ध दर्शन के अध्ययन आदि में उनकी विशेष रुचि थी । आचार्य नरेंद्र देव मानव समाज के कल्याण और नैतिक जीवन के विकास के लिए अन्याय का विरोध आवश्यक समझते थे उनका विचार था कि शोषणविहीन समाज में सामाजिकता के आधार पर मनुष्य का नैतिक विकास हो सकता है। आप एक महान समाजवादी विचारक भी थे।
इस मौके पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष अगम मौर्य, महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी, सतेंद्र यादव, गौरव सक्सेना, प्रमोद बिष्ट, चौधरी नरेंद्र सिंह सूरज यादव, संजीव यादव, हरिशंकर यादव, हाजी गुड्डू, दिनेश यादव, भारती चौहान, हैदर अली, दीप्ति पांडेय, कमलेश रत्नाकर, रिहाना खान, सीमा श्रीवास्तव, ऊषा यादव, गौरव जायसवाल, मुकेश पांडेय, छितिज यादव, गोविंद सैनी, मोहर सिंह लोधी, संतोष दिवाकर अंजुम शमीम, राजन सोनकर, गौरव शर्मा, सचिन शर्मा, रविकांत यादव मौजूद रहे ।















