गाजियाबाद। इंदिरापुरम कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर करने को लेकर जीडीए और नगर निगम के बीच चल रही कवायद अब तेज हो गई है। एक बार फिर दोनों विभागों के अधिकारियों ने मौके पर जाकर संयुक्त रूप से सर्वे किया। मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशानुसार इंदिरापुरम कॉलोनी में किए गए सर्वे में अधिकारियों ने वहां की सड़कें, नाले, नालियां और उद्यान से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। जीडीए के सहायक अभियंता पीयूष सिंह, उद्यान निरीक्षक तरनी सिंह, ओम सिंह व नगर निगम के सहायक अभियंता अनूप शर्मा, अवर अभियंता संतोष गंगवार ने इंदिरापुरम योजना में संयुक्त रूप से सर्वे किया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि इंदिरापुरम कॉलोनी नगर निगम को जल्द हैंडओवर करने के लिए फिर से दोनों विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे किया गया हैं। कॉलोनी में वर्तमान में सड़कों से लेकर नाले, नालियां एवं उद्यान से संबंधित कार्यों को देखा गया।
नगर निगम भी इंदिरापुरम कॉलोनी को हैंडओवर करने से पहले वहां पर निर्माण कार्य, जल आपूर्ति से लेकर सड़कों के निर्माण, नालों के निर्माण समेत अन्य कार्य जीडीए से पूरा कराना चाहता है। इंदिरापुरम कॉलोनी को हैंडओवर करने से पहले जीडीए और नगर निगम के 10 अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई गई हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही इंदिरापुरम कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेेगी।
वहीं, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की प्लानिंग है कि जीडीए से इंदिरापुरम कॉलोनी को हैंडओवर करने से पहले वहां पर विकास कार्य कराने के लिए करीब 180 करोड़ रुपए भी मिल जाए। मगर जीडीए फिलहाल यह धनराशि देने के पक्ष में नहीं दिख रहा है। ऐसे में नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों द्वारा एक बार फिर संयुक्त रूप से कॉलोनी में सर्वे किया गया है। बता दें कि जीडीए का इंदिरापुरम कॉलोनी में वार्षिक रखरखाव पर 40 से 50 करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। जबकि जीडीए यहां से सालाना रखरखाव शुल्क के रूप में 20 से 22 करोड़ रुपए लेता है। सर्वे रिपोर्ट के बाद अब आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
















