मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर: टीओडी जोन घोषित करने को लेकर 9 आपत्तियां हुई दर्ज

-27 अगस्त को कमेटी करेगी 9 आपत्ति व सुझावों का निस्तारण

गाजियाबाद। मेट्रो ट्रेन के कॉरिडोर को 500-500 मीटर के दायरे तक ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन घोषित किए जाने को लेकर इस पर मांगी गई आपत्तियों में कुल 9 आपत्तियां प्राप्त हुई है। दरअसल, मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के 500-500 मीटर दायरे तक टीओडी जोन घोषित किए जाने संबंधी प्रस्ताव पास हुआ था। मंडलायुक्त ने इस पर आपत्तियां मांगने के निर्देश दिए थे। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर जीडीए की ओर से 8 से 22 अगस्त तक टीओडी जोन को लेकर लोगों से आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। इस पर कुल 9 आपत्तियां आई हैं। पिछले दिनों शासकीय समिति से मास्टर प्लान-2031 वापस भेजते हुए मेट्रो कॉरिडोर को भी टीओडी जोन चिन्हित कर इसमें शामिल करने के निर्देश दिए थे। जीडीए ने मेट्रो ट्रेन के रेड व ब्लू लाइन के किनारे टीओडी जोन घोषित करते हुए सर्वे कर क्षेत्र चिन्हित किया। इस पर 8 से 22 अगस्त तक आपत्ति व सुझाव मांगे गए।

गुरुवार को अंतिम दिन सबसे अधिक आपत्ति व सुझाव आए। जीडीए में आए कुल 9 आपत्ति व सुझावों का निस्तारण अब 27 अगस्त पूर्व में बनी हुई कमेटी द्वारा किया जाएगा। इसके बाद इसे मास्टर प्लान 2031 में शामिल करते हुए जीडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बता दें कि आगरा, लखनऊ समेत अन्य शहरों में मेट्रो कॉरिडोर पर भी टीओडी जोन की सुविधा दी गई है। इस पर जीडीए ने आपत्ति करते हुए गाजियाबाद के मेट्रो कॉरिडोर पर भी यह सुविधा मांगी थी। जिसके बाद शासकीय समिति ने इसे नए मास्टर प्लान में शामिल करने को कहा। वहीं,जनपद में आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे भी टीओडी जोन घोषित किया जा चुका हैं।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के टीओडी जोन घोषित किए जाने को लेकर मांगी गई आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हो गए है। कुल 9 आपत्तियां आई हैं। इनका निस्तारण अब कमेटी द्वारा 27 अगस्त को किया जाएगा। मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के इन रूट के दोनों ओर 500-500 मीटर तक मिश्रित भू-उपयोग करते हुए पांच फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) दिया जा सकेगा। एक भूखंड पर आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियां हो सकेंगी। इससे यहां 100 मीटर भूखंड पर पांच एफएआर निर्माण मान्य हो सकेगा। ऐसे में कुल 500 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र में निर्माण किया जा सकेगा। ऐसे में शहीद स्थल न्यू बस अड्डा से दिलशाद गार्डन तक मेट्रो रेड लाइन और वैशाली से कौशांबी तक ब्लू लाइन के किनारे दोनों ओर आठ से दस मंजिला बिल्डिंग बन सकेंगी। इसके साथ ही मकान, ऑफिस, मॉल समेत अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।