-वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में आर्थिक मंच पर मंत्री जयंत चौधरी ने बांधे तारीफों के पुल
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भारतीय प्रतिभाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडियन वर्कर्स के नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई है और हर जगह अपनी काबिलियत साबित की हैं। सक्सेस की ये कहानी ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर और भी ज्यादा आगे बढऩे वाली है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम यानी डब्ल्यूईएफ की सालाना मीटिंग से परे इस स्की रिसॉर्ट शहर में पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में मंत्री ने कहा है कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत स्किल डेव्हलपमेंट और एजुकेशन के सेक्टर में किस तरह काम कर रहा है। उन्होंने दुनिया के सामने भारत की विकास की कहानी पर और अधिक जोर दिए जाने की आवश्यकता को हाइलाइट करते हुए कहा है कि दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक एक बहुत बड़ा कार्यक्रम है। इसमें ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े लोग, विभिन्न देशों के नेता, सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठन और कॉरपोरेट घरानों के लोग शामिल होते हैं। चौधरी ने दावोस पहुंचने के तुरंत बाद कहा है कि जो लोग एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं और जो लोग नए विचारों पर काम कर रहे हैं, वे सभी यहां आते हैं। एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल बहुत उम्मीदों के साथ यहां आया है और मुझे यहां भारत का प्रतिनिधि बनने का शानदार अवसर मिला है।
मंत्री ने कहा है कि भारत में स्किल डेव्हलपमेंट और हमारे युवाओं के विकास के लिए जो काम किया जा रहा है, वह जमीनी स्तर पर दिख रहा है। आज पूरी दुनिया देख रही है कि भारत स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में बहुत गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इंडियन वर्कर्स जहां भी काम करने जाते हैं, अपनी क्षमता साबित करते हैं और टॉप नेतृत्व की भूमिकाओं सहित अपना सही स्थान हासिल करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि हम उन कहानियों को साझा करने के लिए दावोस आए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भारत को और ज्यादा इंवेस्टमेंट मिलेगा तथा जो कंपनियां अभी तक भारत में मौजूद नहीं हैं, वे भी वहां आएंगी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 5 दिवसीय वार्षिक बैठक 24 जनवरी को संपन्न होगी। इस दौरान चौधरी कई देशों के नेताओं के साथ-साथ यहां आने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे। स्किल डेव्हलप्मेंट एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री और शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री ने कहा कि वह स्किल्ड वर्कफोर्स को बढ़ावा देने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और सतत विकास को आगे बढ़ाने के भारत के दृष्टिकोण को साझा करेंगे।
स्विस शहर डावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की 55वीं वार्षिक बैठक को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (माइनॉरिटी) इंद्रजीत सिंह टीटू ने कहा कि यह फोटो एक मैसेज देती है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौधरी जयंत सिंह से कितनी उम्मीद रखते हैं क्यों इनको ऐसा मंत्रालय दिया गया है। यह मंत्री जयंत चौधरी की काबिलियत की ही नतीजा है। स्विस मंत्रियों और स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत ने आपसी प्राथमिकताओं पर चर्चा करने के लिए डब्लूईएफ 2025 के दौरान मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में राजदूत मृदुल कुमार के साथ-साथ संघीय आर्थिक मामलों, शिक्षा और अनुसंधान विभाग (ईएईआर) के प्रमुख गाय परमेलिन और शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार (एसईआरआई) की राज्य सचिव मार्टिना हिरयामा शामिल थीं। चर्चाओं में हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए की क्षमता और निवेश को आगे बढ़ाने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया।
दोनों पक्षों ने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने और व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के महत्व पर जोर दिया। यह भागीदारी तेजी से बदलती दुनिया की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग तथा इनोवेशन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा है कि हमारे पास विकास तथा सामाजिक समानता की पुन:कल्पना करने, निवेश करने व टिकाऊ उद्योगों का निर्माण करने का अवसर है।
















