• गाजियाबाद की स्वच्छता पहल ने विदेशों में मचाई धूम
• गाजियाबाद की स्वच्छता मुहिम को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
• इंग्लैंड के छात्रों ने किया अवलोकन, स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड की हुई सराहना
उदय भूमि
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम की स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड योजना अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन रही है। गाजियाबाद नगर निगम की अभिनव स्वच्छता पहलें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं। बुधवार को इंग्लैंड के वेस्ट सफोक कॉलेज से 22 छात्रों और 4 शिक्षकों की एक टीम गाजियाबाद पहुंची। इस टीम ने नगर निगम के विभिन्न स्वच्छता अभियानों और परियोजनाओं का अवलोकन किया और स्वच्छता पाठशाला की विशेष रूप से प्रशंसा की। इंग्लैंड से आई इस टीम ने नगर निगम द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वच्छता परियोजनाओं और अभियानों का निरीक्षण किया। खासतौर पर स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड और वेस्ट से बेस्ट मुहिम ने विदेशी टीम को बेहद प्रभावित किया। टीम ने देखा कि कैसे नगर निगम ने कचरे के सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के जरिए शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में अनूठे प्रयास किए हैं। इस टीम को गाजियाबाद नगर निगम द्वारा संचालित स्वच्छता पाठशाला भी दिखाई गई, जहां स्कूलों में स्वच्छता को लेकर बच्चों को जागरूक किया जाता है। विदेशी मेहमानों ने न केवल इस पहल की सराहना की, बल्कि इसे एक आदर्श मॉडल बताते हुए अपने देश में अपनाने की इच्छा भी जताई।
इंग्लैंड की टीम ने देखी ‘वेस्ट टू बेस्ट’ पहल
गाजियाबाद पहुंचे विदेशी दल को अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार और नगर निगम की टीम ने शहर में चल रहे स्वच्छता अभियानों की जानकारी दी। खासतौर पर ‘वेस्ट टू बेस्टÓ मुहिम ने विदेशी टीम का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने पर जोर दिया जाता है।
नवाचारों से हुआ परिचय
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि इंग्लैंड से आए अतिथियों को नगर निगम के प्रमुख स्वच्छता प्रोजेक्ट्स का भ्रमण कराया गया। इसमें –
• गौशाला कन्हा उपवन
• टीएसटीपी प्लांट, इंदिरापुरम
• मियांबकी पद्धति से प्लांटेशन
• मेरठ रोड तिहारी पर बनाए जा रहे म्यूजिकल सितार प्रोजेक्ट (जो कि कचरे से निर्मित हो रहा है) जैसी परियोजनाओं को शामिल किया गया।
स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड की बुक बनी आकर्षण का केंद्र
इंग्लैंड से आई टीम ने स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड की कार्यप्रणाली और उसके प्रभाव पर विशेष रुचि दिखाई। इतना ही नहीं, उन्होंने इस योजना से जुड़ी बुकलेट (स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड बुक) को भी अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई, ताकि वे इसे अपने देश में भी समझ और लागू कर सकें।
भव्य स्वागत और सम्मान
इंग्लैंड से आई इस टीम का गाजियाबाद नगर निगम द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और एसबीएम टीम भी मौजूद रही। विदेशी छात्रों और शिक्षकों ने नगर निगम की परियोजनाओं को करीब से देखा और इनसे प्रेरित होकर अपने देश में भी ऐसी पहल करने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान
स्वच्छता के क्षेत्र में गाजियाबाद नगर निगम के ये नवाचार अब वैश्विक स्तर पर एक प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। इंग्लैंड की टीम की यह विजिट इस बात का प्रमाण है कि भारतीय नगर निकाय किस तरह बेहतर और प्रभावी सफाई व्यवस्था से शहरों को स्वच्छ और सुंदर बना सकते हैं।

नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों की सफलता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखी जा रही है। हमारा लक्ष्य सिर्फ शहर को साफ रखना नहीं, बल्कि जनता को भी इस मुहिम में भागीदार बनाना है। इंग्लैंड की टीम की रुचि यह साबित करती है कि हम सही दिशा में काम कर रहे हैं। इससे यह भी साफ हो गया कि स्थानीय स्तर पर किए गए अच्छे कार्यों को अगर सही तरीके से लागू किया जाए, तो वे ग्लोबल लेवल पर भी पहचान बना सकते हैं। इंग्लैंड के छात्रों और शिक्षकों द्वारा हमारे ‘स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड’ और ‘स्वच्छता पाठशाला’ जैसी पहलों में गहरी रुचि दिखाना यह साबित करता है कि गाजियाबाद स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। हमने जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता को एक आंदोलन का रूप दिया है, और आज इसका प्रभाव दुनिया तक पहुंच रहा है। इंग्लैंड की टीम का गाजियाबाद आकर हमारे कार्यों का अवलोकन करना हमारे लिए सम्मान की बात है। यह हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। नगर निगम का प्रयास रहेगा कि हम स्वच्छता और पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें और गाजियाबाद को स्वच्छ, सुंदर और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं।

















