• नई आबकारी नीति का सख्त क्रियान्वयन
• शराब दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित
• 6 मार्च 2025 को होने वाली लॉटरी के लिए हो रही विशेष तैयारी
• शराब माफियाओं पर कसा शिकंजा, तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
• अवैध बिक्री पर रोक से सरकारी खजाने को मिलेगा लाभ
• शराब की नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को राहत
• कड़ी निगरानी और सतत मॉनिटरिंग
• हर जिले में विशेष टीमें सक्रिय
• छापेमारी और सघन जांच से अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम
उदय भूमि
मेरठ। मेरठ मंडल के उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उनके प्रभावी कार्यशैली के चलते मेरठ मंडल में न केवल अवैध शराब माफिया पर लगाम कसी जा रही है, बल्कि विभागीय राजस्व में भी जबरदस्त इजाफा हो रहा है। राकेश कुमार सिंह की यह सख्त नीति और रणनीति आबकारी विभाग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही प्रदेश में अवैध शराब कारोबार के अंत की ओर संकेत कर रही है। आने वाले दिनों में मेरठ मंडल में अवैध शराब पर पूरी तरह विराम लगने की उम्मीद है, जिससे आबकारी विभाग की छवि और अधिक मजबूत होगी। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति को मेरठ मंडल में सफलतापूर्वक लागू करने के लिए राकेश कुमार सिंह ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इस नीति के तहत शराब की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है, जिससे राजस्व की वृद्धि के साथ-साथ अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। 6 मार्च 2025 को होने वाली प्रदेशभर की शराब दुकानों की लॉटरी प्रक्रिया को लेकर मेरठ मंडल में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राकेश कुमार सिंह अब तक जिस भी जिले में गए, वहां अवैध शराब माफियाओं के लिए खौफ का पर्याय बन चुके हैं।
उनकी सख्त कार्रवाई और निगरानी के चलते मेरठ मंडल में भी शराब माफिया के काले साम्राज्य का समाप्ति काल शुरू हो चुका है। विभागीय अधिकारियों की टीम को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूरत में अवैध शराब निर्माण, बिक्री या तस्करी को बर्दाश्त न किया जाए। राकेश कुमार सिंह की निगरानी में, अब प्रदेश के 6 जिलों-मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर में शराब की दुकानों के व्यवस्थापन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उनके प्रयासों से यह सुनिश्चित हुआ है कि 6 मार्च को होने वाली लॉटरी पूरी तरह से व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से होगी। इस लॉटरी में भाग लेने वाले सभी आवेदकों को समान अवसर मिलेगा, और यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और रिकॉर्डेड होगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी की संभावना न हो। इसके साथ ही, राकेश कुमार सिंह ने उन अधिकारियों को भी सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं जो किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपालन में कमी दिखा रहे हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि नई आबकारी नीति का पूरी तरह से पालन किया जाए, और किसी भी चरण में भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा न मिले। राकेश कुमार सिंह ने जिलों में शराब दुकानों की स्थिति की नियमित निगरानी शुरू की, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि सभी दुकानों से राजस्व की अधिकतम वसूली हो रही है और कोई भी गड़बड़ी न हो। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश में राजस्व संग्रहण में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है और शराब के कारोबार को पूरी तरह से व्यवस्थित करने की दिशा में सफलता मिली है।
राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मेरठ मंडल में आबकारी विभाग की इस मुहिम का असर राजस्व पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अवैध कारोबार की रोकथाम से सरकारी खजाने में करोड़ों रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं, शराब बिक्री की नई व्यवस्था से आम जनता को भी राहत मिलेगी, क्योंकि इससे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सही कीमत पर शराब उपलब्ध हो सकेगी।
कड़ी निगरानी, सख्त कार्रवाई
मेरठ मंडल में आबकारी अधिकारियों की कार्यशैली में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हर जिले में विशेष निगरानी टीमें बनाई गई हैं, जो छापेमारी, सघन जांच और सतत मॉनिटरिंग के जरिए अवैध गतिविधियों को रोकने में जुटी हैं। उनके प्रयासों से प्रदेश का राजस्व बढ़ेगा और लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित शराब विक्रय की सुविधा मिलेगी। मैं इस कार्य में सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद करता हूं, जिनकी मेहनत से हम यह सब संभव कर पा रहे हैं।
शराब माफिया पर पूर्व में हुई कार्रवाई
राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में, मेरठ मंडल और अन्य जिलों में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कई प्रभावशाली कार्रवाइयाँ की गई हैं। उनकी कड़ी निगरानी और सख्त कार्यशैली ने माफिया और तस्करों के दिलों में दहशत पैदा कर दी है। लगातार अवैध शराब के तस्करों पर कार्रवाई की है, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब का कारोबार ठप हो गया है। उनके आदेश पर कई छापेमारी और गिरफ्तारी हुई हैं, जिससे तस्करों की मंशा पर पानी फिर गया है।
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
राकेश कुमार सिंह ने उन अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है, जो अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा देने या उस पर नजरअंदाज करने में लापरवाह थे। उनके निर्देशन में, जिले के भीतर अवैध शराब के कारखानों और तस्करों के ठिकानों पर नियमित रूप से छापेमारी की जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियाँ न केवल कम हो रही हैं, बल्कि राज्य का राजस्व भी सुरक्षित हो रहा है।
राजस्व को बढ़ाने के लिए सार्थक पहल
राकेश कुमार सिंह ने प्रदेश में नई आबकारी नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे है, जिससे शराब की दुकानों का व्यवस्थित आवंटन हुआ है और इस प्रक्रिया से राज्य का राजस्व बढ़ा है। 6 मार्च को होने वाली लॉटरी को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उन्होंने विशेष तैयारियां की हैं, ताकि हर योग्य व्यक्ति को मौका मिल सके और अवैध तरीके से दुकानों का आवंटन न हो। राजस्व बढ़ाने के लिए डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया, जिससे संग्रहण की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी बनी है। जिलों में शराब दुकानों की स्थिति की नियमित निगरानी शुरू की, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि सभी दुकानों से राजस्व की अधिकतम वसूली हो रही है और कोई भी गड़बड़ी न हो। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश में राजस्व संग्रहण में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है और शराब के कारोबार को पूरी तरह से व्यवस्थित करने की दिशा में सफलता मिली है।

मेरठ मंडल उप आबकारी आयुक्त
नई आबकारी नीति के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मेरठ मंडल के उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने कहा कि हमारी प्रमुख प्राथमिकता हमेशा प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और अवैध शराब के कारोबार को समाप्त करना रही है। इस दिशा में हमने कई सख्त कदम उठाए हैं, और मैं गर्व महसूस करता हूं कि हमारी टीम की मेहनत से अब प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी में भारी कमी आई है। नई नीति का उद्देश्य न सिर्फ शराब के दुकानों का व्यवस्थित तरीके से आवंटन करना है, बल्कि इस प्रक्रिया से हम राजस्व को अधिकतम कर पाएंगे और अवैध कारोबार को समाप्त कर सकेंगे। हम पूरी तरह से सुनिश्चित करेंगे कि 6 मार्च को होने वाली लॉटरी पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि जो भी योग्य हैं, उन्हें अवसर मिल सके और राज्य के हर जिले में आबकारी विभाग का नाम रोशन हो। राकेश कुमार सिंह की नेतृत्व क्षमता और कार्यशैली को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में शराब के कारोबार की नई व्यवस्था से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर भी कड़ी रोक लगेगी। इस पूरी प्रक्रिया में राकेश कुमार सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो रही है, और उनकी सख्त निगरानी और मेहनत से उम्मीद है कि आगामी लॉटरी और नई नीति प्रदेश के लिए बेहद सफल साबित होगी।

















