उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद।कोरोना संक्रमितों की मरीजों की जिले में बेशक संख्या बढ़ रही हो,मगर पहले के सापेक्ष कोरोना वायरस का प्रकोप अब कम होने लगा है। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने कहा कि सीरो की जांच जल्द शुरू हो जाएगी। पहले के सापेक्ष जिले में कोरोना संक्रमितों मरीजों की संख्या बेशक बढ़ रही हो,मगर स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ रहा हैं। वहीं,कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की संख्या भी पहले के सापेक्ष बढ़ रही है। शनिवार को कोरोना संक्रमित नए 77 मरीजों की पुष्टि हुई हैं। वहीं,कोरोना को मात देने वाले स्वस्थ हुए 71 मरीजों को आईसोलेशन एवं विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया है। जिले में अब तक कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा-7126 तक पहुंच गया है। वहीं,स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा-5917 तक पहुंच जाने के बाद इन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है। सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता ने बताया कि जिले में अब संक्रमितों मरीजों का आंकड़ा-7126 तक पहुंच गया है। वर्तमान में कोरोना संक्रमित 1142 एक्टिव केस है। इन संक्रमित मरीजों का होम आइसोलेशन और कोविड अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिले में अब 67 मौत की पुष्टि की है। 26 मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई है। आठ मरीज पहले से ही निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। सीएमओ का कहना है कि अभी जिले से कोरोना का खतरा टला नहीं है। वहीं,डासना जेल के 6 कैदी भी कोरोना संक्रमित पाए गए है। इन सभी को एसआरएम कोविड अस्पताल मोदीनगर में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अस्थायी जेल के दो कैदी भी संक्रमित पाए गए हैं। संजयनगर के एक ही परिवार के छह सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। तीन पुलिसकर्मी भी संक्रमित पाए गए हैं। कविनगर के एक कारोबारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। साहिबाबाद और लोनी से दस दिन से एक भी केस सामने नहीं आया है। वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, कविनगर,शास्त्रीनगर,सेक्टर-23 संजयनगर में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।
कोरोना पर काबू पाने के लिए बनाए गए पांच जोन
जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय का कहना है कि जिले में कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले को पांच जोन में बांटा है। जोन के हिसाब से अलग-अलग टीम गठित की गई है। इन जोनों को कंटेनमेंट जोन,बफर जोन,ऑब्जर्वेशन जोन,अंतरजनपदीय जोन व कोरोना मुक्त जोन का नाम दिया गया है। सभी जोन को कोरोना मरीजों के हिसाब से बांटा गया है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि इस योजना की शुरुआत जिले को कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए की गई है।कंटेनमेंट जोन (अति जोखिम जोन)इस जोन में वह क्षेत्र रखे गए हैं, जहां कोरोना के मरीजों की पहचान हो रही है। जिले में कुल 338 कंटेनमेंट जोन हैं। इन क्षेत्रों में सर्विलांस टीम विशेष अभियान चलाएंगी और पूरे क्षेत्र में हर व्यक्ति की जांच और सैनिटाइजेशन का काम तेजी से चलेगा।बफर जोन (मध्यम जोखिम जोन)यह वह क्षेत्र हैं जिसकी सीमा अति जोखिम जोन वाली सीमाओं से लगी हैं। इस क्षेत्र में सर्विलांस टीम लोगों पर नजर रखेंगी। निजी चिकित्सक, मेडिकल स्टोर, क्षेत्रीय व्यक्तियों से टीम लगातार संपर्क में रहेंगी और संक्रमितों के बारे में जानकारी करती रहेंगी। ऑब्जर्वेशन जोन (निम्न जोखिम जोन)जिले में ऐसे क्षेत्रों की संख्या 623 है। इनमे 14 दिनों में कोई पॉजिटिव मरीज नहीं पाया गया है। यहां क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ मिलकर एक तंत्र स्थापित किया जाएगा। किसी भी लक्षण युक्त व्यक्ति के बारे में रोजाना शाम को जानकारी ली जाएगी। अंतरजनपदीय जोन (विशेष सतर्कता जोन) यह जोन जिले की सीमा से सटे क्षेत्र होंगे। जिले की सीमा दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, हापुड़ और बागपत से लगी हंै। इन जिलों में अधिक पॉजिटिव मामले हैं। सीमा से लगे क्षेत्र के लोग यहां नौकरी करने जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे पर विशेष फोकस रहेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना मुक्त जोन ऐसे सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र जिनमें पिछले 28 दिनों से या पहले कभी कोई मरीज नहीं आया है। इनमें स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं नियमित चलेंगी। आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठन और प्रभावशाली व्यक्तियों के माध्यम से क्षेत्र में लगातार जागरूकता की जाएगी।
















