उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। शहर की स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में खराब रैंकिंग और पिछले दो माह से नालों की सफाई जारी होने के बाद भी जलभराव को लेकर मेयर आशा शर्मा ने निगम अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मेयर ने जहां दो ठेकेदारों का भुगतान रोकने के आदेश जारी किए है। वहीं,नाले-नालियां गंदे मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। नगर निगम मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मेयर आशा शर्मा ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। मेयर ने बैठक में प्रत्येक कार्य से संबंधित अभियंता और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि कूड़ा न उठने और नाले गंदे मिलने पर संबंधित अभियंता और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महापौर आशा शर्मा ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम पिछले साल से भी खराब रहा। सड़कों पर कूड़ा पड़ा रहता है। गोबर बैंक खाली पड़े हैं। डेयरी संचालक सड़क किनारे गोबर फेंक रहे हैं और नाले-नालियों में बहा रहे है। कूड़ा उठाने में लापरवाही बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। प्रत्येक क्षेत्र में सफाई कार्य सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर सफाई कार्य की हकीकत जानने के लिए दफ्तरों से बाहर निकलें। जहां गंदगी नजर आए,वहां पर संबंधित निरीक्षक और कर्मचारी पर कार्रवाई की जाए। बरसात होने के चलते शहर में जलभराव की समस्या पर नाराजगी जाहिर करते हुए महापौर ने कहा कि नालों की सफाई पर दो करोड़ रुपए खर्च हो गया। फिर भी जलभराव हो रहा है। नालों से अतिक्रमण हटाया जाए। मेरठ रोड,पसौंडा, शालीमार गार्डन,भोपुरा के बड़े नालों को साफ कराया। इससे जलभराव की 70 प्रतिशत समस्या दूर हो जाएगी। नालों की सफाई के बाद सिल्ट उठाने और नालों की जांच करने के अलावा नालों का ढलान चेक करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि शहर में कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन, जलकल जीएम बृजेश कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथलेश कुमार, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक वीपी शर्मा, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह आदि शामिल रहे।
















