उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गर्मी की शुरुआत के साथ ही जहां आमजन को लू और तापमान की चिंता सताने लगी है, वहीं गाजियाबाद दमकल विभाग ने समय रहते अपनी सक्रियता दिखाते हुए एक सराहनीय कदम उठाया है। बुधवार को को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में अग्निकांडों से बचाव, सुरक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसने न सिर्फ शहरवासियों को सुरक्षा के प्रति सजग किया बल्कि विभाग की कार्यशैली की भी मिसाल पेश की। इस अभियान के अंतर्गत जनपद के 26 औद्योगिक प्रतिष्ठानों और 15 मॉल/मल्टीप्लेक्स सहित कुल 41 स्थानों पर फायर ऑडिट की कार्रवाई की गई। दमकल कर्मियों ने न सिर्फ वहां स्थापित अग्निशमन प्रणालियों की जांच की, बल्कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों, प्रबंधन और आमजन को आपात स्थिति में अग्निशमन यंत्रों के संचालन, प्राथमिक सुरक्षा उपायों और आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी भी दी।
इस पूरे अभियान में कुल 527 लोगों को जागरूक किया गया, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित किया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि संयम और तकनीकी समझ के साथ स्थिति को कैसे संभालें। जिला प्रशासन और दमकल विभाग ने जनपद के सभी संस्थानों से अपील की है कि वे अपनी अग्निशमन प्रणालियों की समय-समय पर जांच कराएं, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें और अपने कर्मचारियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण अवश्य दें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की हानि से बचा जा सके। वहीं अभियान में भाग लेने वाले एक प्रतिष्ठान के प्रबंधक ने बताया, ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी गहराई से और व्यक्तिगत स्तर पर फायर सेफ्टी को लेकर जानकारी दी गई। दमकल विभाग की टीम बेहद प्रोफेशनल और मददगार थी।
दमकल विभाग की कार्यशैली बनी मिसाल
गाजियाबाद दमकल विभाग की यह पहल सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समर्पण, सजगता और संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर उभरी है। तेज गर्मी और संभावित अग्निकांडों के खतरे को समझते हुए विभाग ने न सिर्फ जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान की, बल्कि वहां सक्रियता से पहुंचकर जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखा। इस दौरान फायर ऑफिसर्स द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने आम लोगों को आत्मनिर्भर और सतर्क बनाया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ)
गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं आमतौर पर बढ़ जाती हैं, इसलिए हमारी प्राथमिकता है कि हम समय रहते ही जोखिम क्षेत्रों की पहचान करें और वहां की अग्निशमन व्यवस्था का गहन निरीक्षण करें। इस अभियान के माध्यम से हमने संस्थानों को न सिर्फ आग से बचाव के उपकरणों के संचालन की जानकारी दी, बल्कि 527 लोगों को जागरूक भी किया। हमारा उद्देश्य है कि सभी प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें। आग से बचाव केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ)

















