निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का दुबई दौरा, हिंदू धर्म और कुंभ के आयोजन पर अहम चर्चा

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। धर्म और संस्कृति के प्रचार में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने वाले निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज शुक्रवार को चार दिवसीय दुबई दौरे पर रवाना हो गए हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान, स्वामी से रविदास अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेंद्र चौधरी ने मुलाकात की, जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस साल हुए महाकुंभ के सफल आयोजन पर चर्चा की गई और नासिक में 2027 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ के संबंध में भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई। प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आयोजन दुनिया भर के हिंदू धर्मावलंबियों के लिए एक ऐतिहासिक घटना के रूप में देखा गया था। इस महाकुंभ ने न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से भारत को जगाया, बल्कि पूरी दुनिया में हिंदू धर्म की शक्ति और उसकी सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित किया।

स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान मिल रही अपार श्रद्धा और समर्थन का उल्लेख करते हुए बताया कि यह एकजुटता और धर्म के प्रति लोगों की श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है। स्वामी ने नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 के आयोजन पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन भारत में न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटक दृष्टिकोण से भी एक ऐतिहासिक अवसर बनेगा। नासिक में सिंहस्थ कुंभ के आयोजन के लिए तैयारी कार्य पहले ही शुरू हो चुका है, और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का मानना है कि इस आयोजन से लाखों लोग न केवल धर्म के प्रति अपने श्रद्धा भाव को व्यक्त करेंगे, बल्कि इससे भारत की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर एक नया मोड़ मिलेगा। दुबई में अपनी यात्रा के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हिंदू धर्म का प्रचार करने के महत्व पर भी जोर दिया।

स्वामी ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया में धार्मिक संवाद और परस्पर समझ की आवश्यकता है, और ऐसे आयोजनों से हिंदू धर्म को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के नए अवसर मिलेंगे। इस बैठक में नरेंद्र चौधरी ने स्वामी से मुलाकात के दौरान बताया कि आगामी सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह आयोजन सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से संपन्न हो। साथ ही, हिंदू धर्म के प्रचार में सशक्त भूमिका निभाने की दिशा में कई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का दुबई दौरा न केवल धार्मिक संदर्भ में बल्कि वैश्विक संवाद और धार्मिक एकता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। उनके नेतृत्व में निरंजनी अखाड़ा की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आगे बढ़ेंगी, जो हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता और सम्मान को और बढ़ावा देंगी।