हर ब्लॉक में खुलेगा मिल्क एंड वेजिटेबल बूथ यमुना प्राधिकरण ने मदर डेयरी को 21 भूखंड आवंटित किए

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यीडा सिटी में आबादी बसने से पहले सभी सुविधाओं को विकसित करने की तैयारी है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह अब आवासीय सेक्टर के हर ब्लॉक में मदर डेयरी बूथ खुलवाएंगे। ताकि वहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा का सामान आसानी से मिल सके।
यमुना प्राधिकरण के आवासीय सेक्टर-18, 20 और 22डी में धीरे-धीरे बसावट शुरू हो गई है। उम्मीद है कि एयरपोर्ट से उड़ान भरने के साथ बसावट तेजी से बढ़ेगी। इसको देखते हुए यीडा सिटी में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का काम शुरू कर दिया है। नए बस रहे इस शहर में प्राधिकरण ने बिजली, सड़क, सीवर, नाली व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के साथ जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी गई। मदर डेयरी ने बूथ के लिए तीनों सेक्टरों के 52 ब्लॉकों में जमीन का इंतजाम किया जा चुका है। यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-18 और 20 में मदर डेयरी को 21 भूखंड आवंटित किए हैं। ये भूखंड 100-100 वर्ग मीटर के हैं। इन बूथों के जरिये यहां रहने वाले लोगों को दूध-सब्जी घर के पास मिल सकेगी। प्राधिकरण के पास अमूल जैसी कई बड़ी कंपनियां भी अपने बूथ खोलने के लिए संपर्क में हैं। धीरे-धीरे सभी ब्लॉक में ये बूथ खोले जाएंगे ताकि लोगों को आसानी रहे।

दूध मिल्क और सब्जी बूथ के लिए मदर डेयरी को 21 प्लाट आवंटित किए गए हैं। इसके जरिये सेक्टरवासियों को गुणवत्ता युक्त सामान मिल सकेगा। आवासीय सेक्टर के हर ब्लॉक में ये बूथ खोले जाएंगे।
डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

परिवार में दो लोगों को आंवटन होने पर 18 भूखंड कैंसिल
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने 18 आवासीय भूखंडों का आवंटन कैंसिल कर दिया है। ये आवंटन एक परिवार में दो-दो लोगों को हो गया था। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
यमुना प्राधिकरण आवासीय भूखंडों की योजना निकालता है। इसमें ड्रा के जरिये आवंटन किया जाता है। नियमों के अनुसार, परिवार के एक सदस्य को ही भूखंड आवंटित हो सकता है। प्राधिकरण ने इसकी जांच करवाई तो 18 भूखंड ऐसे थे, जिनके परिवार के सदस्य के पास आवंटन था। इसमें अधिकतर पति-पत्नी के नाम आवंटन था। प्राधिकरण ने इसको गंभीरता से लिया। इन सभी 18 प्लॉट आवंटन कैंसिल कर दिया गया। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि नियमों के विपरीत आवंटन था। इसको अब कैंसिल कर दिया गया है।