हाथरस के विकास का खाका तैयार करने में जुटा यीडा

-हाथरस की हींग व गुलाल के उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
-मास्टर प्लान के लिए जल्द किया जाएगा एजेंसी का चयन

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण अपने अधिसूचित क्षेत्र हाथरस के विकास का खाका तैयार करने में जुट गया है। हाथरस की हींग व गुलाल प्रसिद्ध है। यहां अभी छोटे पैमाने पर चलने वाले इन उद्योगों को बड़ी उड़ान देने की तैयारी चल रही है। उद्योगों के विकास को गति देने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और धातु कला उद्योग को बढ़ावा मिलने से हाथरस का विकास तेज होगा।

यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा व आगरा जिले के गांव आते हैं। यमुना प्राधिकरण में हाथरस जिले के 358 गांव अधिसूचित हैं। लेकिन प्राधिकरण का विकास अभी तक गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर तक सीमित रहा। इससे बाहर निकालकर अलीगढ़ और मथुरा जिले में विकास योजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है। हाथरस की तरफ अभी तक प्राधिकरण ने रुख नहीं किया था। हाथरस में यमुना एक्सप्रेसवे 45 किमी दूरी तक के गांव अधिसूचित हैं। इन गांवों के लोग वर्षों से विकास का इंतजार कर रहे हैं। इस इंतजार को समाप्त करने के लिए प्राधिकरण ने हाथरस जिले में मास्टर प्लान तैयार करने का फैसला किया है। अधिसूचित क्षेत्र में सर्वे और मास्टर प्लान करने के लिए कंपनी चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रहा है।

हाथरस जिले में भी प्राधिकरण के अन्य शहरी केंद्रों की तरह आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत आदि सेक्टर विकसित किए जाएंगे। सेक्टरों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सीवर, पेयजल पाइप लाइन, बिजली लाइन आदि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। यहां के परंपरागत उद्योग को नए शहर में बढ़ावा मिलेगा। कृषि उत्पाद एवं खाद्य प्रसंस्करण की इकाई लगाई जाएंगी। इससे किसानों के कृषि उत्पाद को प्रोसेस कर विदेशी बाजार तक पहुंचने का रास्ता खुलेगा।
धातु कला उद्योग को नए हाथरस में मजबूती दी जाएगी।

यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल हाथरस जिले के गांवों का विकास होगा। पहले इसका मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा। जल्द ही एजेंसी का चयन किया जाएगा। स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा