-गाजियाबाद में कैंसर रोगियों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा का शुभारंभ
– दिल्ली-एनसीआर के मरीजों को मिलेगा घर के पास इलाज
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत में हर वर्ष कैंसर के 14 लाख से अधिक नए मामलों की पुष्टि होती है। यह आंकड़ा न केवल चिंता का विषय है, बल्कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था को एक गम्भीर चुनौती भी देता है। इसी चुनौती को स्वीकारते हुए गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी ने कैंसर उपचार में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। संस्थान ने ईथॉस विद हाइपरसाइट प्रणाली और एज प्रणाली विद एग्जैकट्रैक गतिकीय तकनीक जैसे दो नवीनतम उपचार उपकरणों की स्थापना की है, जो अब तक केवल विश्व के कुछ विशेष चिकित्सा संस्थानों में ही उपलब्ध थे। यशोदा मेडिसिटी, चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा के नेतृत्व में, कैंसर उपचार के क्षेत्र में दो अत्याधुनिक तकनीकों ईथॉस विद हाइपरसाइट एसजीआरटी सिस्टम और एज सिस्टम विद एग्जैकट्रैक डायनामिक को स्थापित कर देश और पड़ोसी क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध करा रहा है। डॉ. पी.एन. अरोड़ा के विजन और दशकों सेवा भावना के चलते यशोदा ग्रुप ने हमेशा स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता के नए आयाम तय किए हैं। कैंसर के खिलाफ यह बड़ी पहल उसी क्रम का अगला कदम है, जो न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर भारत को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित कैंसर उपचार केंद्र प्रदान करती है। डॉ. पी.एन. अरोड़ा की अगुवाई में यशोदा समूह ने चिकित्सा के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय दिया है। अब कैंसर उपचार के क्षेत्र में इस तकनीकी क्रांति के साथ यह केंद्र भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के रोगियों के लिए भी एक भरोसेमंद विकल्प बन चुका है।
डॉ. पी.एन. अरोड़ा और डॉ. उपासना अरोड़ा की प्रेरक भूमिका
यशोदा समूह के अध्यक्ष डॉ. पी.एन. अरोड़ा की वर्षों की सेवा भावना और जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता ने इस संस्थान को एक नई दिशा दी है। वहीं, प्रबंध निदेशिका डॉ. उपासना अरोड़ा के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप, यह केंद्र दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लाखों रोगियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभरा है। डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही छत के नीचे कैंसर का समग्र, सटीक और सुलभ उपचार प्रदान करना है। समय पर पहचान और आधुनिक तकनीकों से युक्त उपचार से हम रोगियों का जीवन बचाने के साथ-साथ उनकी जीवन गुणवत्ता भी बेहतर बना सकते हैं।
डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ बीमारियों का इलाज करना नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को एक नई उम्मीद देना है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल दवाओं और तकनीकों से नहीं, बल्कि संवेदनशील देखभाल, समय पर निदान और समर्पित सेवा भावना से जीती जाती है। यशोदा मेडिसिटी में हमने इस सोच को ही आधार बनाया है। ईथॉस और एज जैसी आधुनिकतम तकनीकों को गाजियाबाद जैसे शहर में उपलब्ध कराकर हमने यह साबित किया है कि विश्वस्तरीय इलाज अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। हमारी कोशिश है कि देश के हर कोने का मरीज सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। यह सिर्फ एक तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है, जिसे हम पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
ईथॉस तकनीक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित अनुकूलनशील विकिरण चिकित्सा
ईथॉस प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विकिरण चिकित्सा है, जो प्रत्येक उपचार सत्र में रोगी के शरीर और कैंसरग्रस्त भाग में आए सूक्ष्म परिवर्तनों को ध्यान में रखकर उपचार को उसी अनुरूप ढाल देती है। इससे केवल रोगग्रस्त भाग को ही विकिरण मिलता है और शरीर के अन्य स्वस्थ भागों को क्षति नहीं पहुँचती।
एज प्रणाली: चीरा रहित सटीक रेडियो-चिकित्सा का उदाहरण
एज प्रणाली एक उच्चतम स्तर की रेडियो-चिकित्सा विधि है, जो बिना किसी शल्यक्रिया के ब्रेन, फेफड़े, जिगर, रीढ़ जैसे संवेदनशील अंगों के अत्यन्त छोटे और जटिल कैंसर ट्यूमर का सटीक उपचार करती है। यह प्रणाली साँस की गति, शरीर की सूक्ष्म हरकतों को भी वास्तविक समय में पहचान कर उसी के अनुसार विकिरण देती है। इस तकनीक पर प्रकाश डालते हुए विकिरण और कैंसर चिकित्सा विभाग के प्रमुख एवं उपाध्यक्ष डॉ. गगन सैनी ने बताया अब हम नाखून की मोटाई जितने छोटे ट्यूमर का भी अत्यन्त सटीकता से उपचार कर सकते हैं। इस प्रणाली की मदद से हम रोगियों को सुरक्षित, तेज़ और प्रभावी इलाज दे पा रहे हैं।
गाजियाबाद में यशोदा कैंसर देखभाल संस्थान का शुभारंभ
इंदिरापुरम, गाजियाबाद में स्थापित यह नया संस्थान न केवल अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त है, बल्कि यह किफायती, संवेदनशील और समग्र कैंसर देखभाल की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के रोगियों को देश के सर्वश्रेष्ठ तकनीक और विशेषज्ञता अपने शहर में ही उपलब्ध होगी।
यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर: गाजियाबाद का गौरव
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में स्थित यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर अब एक ऐसा संस्थान बनकर उभरा है, जो देश के गिने-चुने कैंसर केंद्रों में शुमार हो सकता है। यहाँ इमेज गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (आईजीआरटी), एडाप्टिव रेडिएशन थेरेपी (एआरटी), और सरफेस गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (एसजीआरटी) जैसी तकनीकें उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को कम समय में, कम साइड इफेक्ट्स के साथ, बेहतर परिणाम मिल सकें।
केंद्र में उपलब्ध कुछ प्रमुख तकनीकों में निम्न शामिल हैं:
• छवि-निर्देशित विकिरण चिकित्सा (आईजीआरटी)
• अनुकूलनशील विकिरण चिकित्सा (एआरटी)
• सतह-निर्देशित विकिरण चिकित्सा (एसजीआरटी)
• इन तकनीकों की मदद से उपचार की अवधि घटती है, दुष्प्रभाव कम होते हैं, और रोगी की जीवनशैली बनी रहती है।
















