उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। थाना मधुबन बापूधाम में तैनात सिपाही सोहेल खान का एक वीडियो जन्माष्टमी के मौके पर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में सिपाही मंदिर के अंदर खड़े नजर आते हैं और बैकग्राउंड में धार्मिक धुन बज रही होती है, जिसमें आवाज आती है अल्लाह ही है और कोई इबादत के लायक नहीं है। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और हालात बिगडऩे से पहले ही अधिकारियों ने सख्त कदम उठाते हुए सिपाही को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। गाजियाबाद जैसे संवेदनशील जिले में, जहां हर वर्ग और समुदाय के लोग रहते हैं, वहां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी हरकत को प्रशासन बेहद गंभीरता से लेता है। यही कारण रहा कि वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अधिकारियों को आशंका थी कि इस वीडियो से सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है और माहौल बिगड़ सकता है।
पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिपाही सोहेल खान को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया और पूरे प्रकरण की जांच बैठा दी। अधिकारियों ने साफ किया कि जांच में यह देखा जाएगा कि यह वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या यह सिपाही की निजी गलती है या फिर इसके पीछे कोई और कारण छिपा है। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और कहा कि पुलिसकर्मी को हमेशा तटस्थ रहना चाहिए, क्योंकि उसकी पहचान केवल उसकी वर्दी और कर्तव्य से होती है। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि यह निजी हरकत थी, लेकिन पुलिसकर्मी होने के नाते उनसे ज्यादा अनुशासन और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।
पुलिस विभाग का स्पष्ट नियम है कि कोई भी कर्मचारी धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखे। मंदिर में खड़े होकर धार्मिक पृष्ठभूमि में वीडियो बनाना सीधे तौर पर विभागीय आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चाहे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हो या निजी समय में, उसका हर कदम उसकी वर्दी और जिम्मेदारी से जुड़ा होता है और समाज पर उसका सीधा असर पड़ता है। फिलहाल सिपाही सोहेल खान को लाइन हाजिर कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि उनकी यह हरकत जानबूझकर की गई थी और इससे समाज में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता था, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
















