सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर अधिसूचित एरिया में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। एसीईओ सुमित यादव ने अतिक्रमण करने वाले को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिसूचित एरिया में बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगा। बुधवार को जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के नेतृत्व में चली कार्रवाई में 25 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान ओएसडी रामनयन सिंह, वर्क सर्किल तीन के प्रभारी राजेश निम और नागेंद्र सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता आदि मौजूद रहे। एके सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव के डूब क्षेत्र में कालोनाइजर अवैध कालोनी काटने की कोशिश कर रहे थे। यहां पर बड़ी कर्रवाई की गई।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित एरिया में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने बिसरख के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को बुल्डोजर चलाया। प्राधिकरण ने करीब 25 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। कालोनाइजर डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे। ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने अतिक्रमण करने वाले को चेतावनी दी है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित एरिया में अनुमति के बिना या फिर बिना नक्शा पास कराए बिना अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसीईओ ने लोगों से भी अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव के डूब क्षेत्र (खसरा संख्या-112 व 113) की लगभग 25 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कालोनाइजर अवैध कालोनी काटने की कोशिश कर रहे थे। यह जमीन प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में है। बुधवार को जीएम एके सिंह सहित ओएसडी रामनयन सिंह, वर्क सर्किल तीन के प्रभारी राजेश निम और नागेंद्र सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता, पुलिस-प्रशासन और पीएसी की मौजूदगी में बुधवार को इन खसरा नंबरों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को ढहा दिया। प्राधिकरण की तरफ से तीन जेसीबी और दो डंफर का इस्तेमाल कर अवैध निर्माण को तोड़ दिया। यह कार्रवाई लगभग दो घंटे चली।
















