जीडीए में रेरा समाधान दिवस: 29 प्रकरणों में प्राप्त हुए समझौता पत्र, आवंटियों की समस्याओं का हुआ समय पर निस्तारण

-इंद्रप्रस्थ, मधुबन-बापूधाम और अन्य योजनाओं के आवंटियों ने जताई संतुष्टि, उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में गुरूवार को आयोजित रेरा समाधान दिवस में कुल 29 समझौता पत्र प्राप्त हुए। इन प्रकरणों में से 9 मामलों में आवंटियों ने समझौते के लिए सहमति दी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर मासिक रेरा समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें रेरा से जुड़े सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। इस अवसर पर जीडीए सभागार में संयुक्त सचिव एमपी सिंह के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, विधि अधिकारी शशि भूषण राय और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कुल 24 शिकायतकर्ता उपस्थित हुए, जिनकी शिकायतें सुनी गईं और उनका समाधान रिकॉर्ड में दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। इस दौरान कई आवंटियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी शिकायतों का समय रहते निस्तारण किया गया तो वे केस वापस लेने के लिए सहमत हैं। इंद्रप्रस्थ योजना के आवंटी राजेंद्र सिंह और चंद्र शिला अपार्टमेंट की आवंटी खुशबू सिंघल व ऋचा सिंघल ने कहा कि रेरा से जारी आरसी का भुगतान कर देने पर वे केस समाप्त करने के लिए तैयार हैं।

इसी तरह इंद्रप्रस्थ योजना में पंकज गोयल ने अपने फ्लैट पर कब्जा न मिलने की शिकायत जताई, जिसे समय पर निस्तारित कर केस वापस लेने की सहमति दी गई। मधुबन-बापूधाम योजना के जयवीर सिंह की फ्लैट कब्जा और रजिस्ट्री से जुड़ी शिकायत भी इस दिन निस्तारित की गई। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि आवंटियों को मूलभूत सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराना सबसे अहम है। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि रेरा समाधान दिवस से पहले लंबित सभी प्रकरणों का निस्तारण कर दिया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि आवंटियों की समस्याओं के समय पर निस्तारण से उन्हें रेरा में केस दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि इंद्रप्रस्थ और अन्य आवासीय योजनाओं में कैंप लगाकर आवंटियों की शिकायतों को सुना जाए और उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही आवंटियों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाए।
रेरा से जुड़े मामलों के लिए सुबह 10 बजे से दो बजे तक समय रखा गया।

उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हर माह के तीसरे गुरूवार को रेरा समाधान दिवस आयोजित किया जाएगा, ताकि आवंटियों की समस्याओं का समाधान नियमित रूप से हो और उनका विश्वास जीडीए पर बना रहे। जीडीए की टीम ने बताया कि अब से प्रत्येक रेरा समाधान दिवस में आवंटियों के निस्तारित प्रकरणों की संख्या बढ़ाने और प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि आवंटियों की शिकायतों को न केवल सुनें, बल्कि उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आवंटियों का समय और धन बच सके। आयोजित रेरा समाधान दिवस ने आवंटियों और अधिकारियों के बीच सकारात्मक तालमेल स्थापित किया। उपाध्यक्ष अतुल वत्स के कड़े निर्देश और सक्रिय निरीक्षण के चलते 29 प्रकरणों में समझौते और निस्तारण की कार्यवाही सफलतापूर्वक पूरी की गई।