असत्य पर हुई सत्य की विजय: 57 रामलीला में धूं-धूंकर जले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले

-सांसद और राज्यमंत्री ने तीर चला कर किया पुतले दहन, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
-रामलीला मैदानों में भव्य तैयारी और ईको-फ्रेंडली पुतले दहन
-जिले भर के 57 रामलीला स्थलों पर मनाया गया विजयदशमी पर्व
-पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा, कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किए गए
-ईको-फ्रेंडली पटाखों के साथ सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ दशहरा महोत्सव

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में विजयदशमी का पर्व धूमधाम तरीके से संपन्न हो गया। विजयदशमी पर्व के चलते रामलीला मैदान से लेकर बाजारों में पुलिस फोर्स की कड़ी निगरानी रहीं। जिले में करीब 57 रामलीला में विजयदशमी पर रावण,कुंभकरण,मेघनाथ के पुतले धूं-धूंकर जले। रामलीला समितियों द्वारा दशहरा पर्व पर भव्य रूप में तैयारियां की गई थी। वहीं,विजयदशमी पर्व के मद्देनजर जाम से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर में कविनगर रामलीला मैदान और घंटाघर रामलीला मैदान के आसपास के कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया था। गुरूवार को विजयदशमी पर्व पर असत्य पर सत्य की जीत हुई। रामलीला मैदान में लगाए गए रावण- कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तीर छोड़कर दहन किए गए। श्री धार्मिक रामलीला समिति की मैदान में लगवाए गए पुतले कविनगर रामलीला मैदान में सांसद अतुल गर्ग, मुरादनगर विधायक अजितपाल त्यागी, पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ व जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने रावण का 75 फीट,कुंभकरण का 70 फीट और मेघनाथ का 65 फीट के पुतले में रात 7:30 बजे तीर चलाकर पुतले दहन किए। वहीं, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने राजनगर रामलीला में रावण, कुंंभकरण व मेघनाथ के पुतले दहन किए। रामलीला मैदानों में रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के कई दिन पहले ही पुतले लगा दिए गए थे। कविनगर रामलीला में रावण का 75 फुट, कुंभकरण का 70 फुट और मेघनाथ का 65 फुट का पुतला लगाया गया था।

वहीं, श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी घंटाघर द्वारा लगाए गए पुतले सांसद अतुल गर्ग ने तीर चलाकर दहन किए। सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि हम सभी को अपने अंदर के अहम रूपी रावण को मारना होगा तथा हम सभी को प्रभु राम के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। इस मौके पर अध्यक्ष अजय बंसल, नरेश अग्रवाल, सुधीर गोयल मोनू, संजीव मित्तल, रविंद्र मित्तल, प्रदीप मित्तल, वीरेंद्र कुमार वीरो, उस्ताद अशोक गोयल, दिनेश शर्मा बब्बे आदि का विशेष सहयोग रहा। वहीं, श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर के अध्यक्ष ललित जायसवाल, भपेंद्र चौपड़ा समेत समिति पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पुतले दहन किए गए।

पुतला दहन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अतुल गर्ग, पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ शामिल हुए। वहीं,घंटाघर रामलीला समिति के मीडिया प्रभारी नीरज गोयल ने बताया कि रात साढ़े 9 बजे मुख्य अतिथि सांसद अतुल गर्ग ने पुतले दहन किए। राजनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता ने बताया कि रावण दहन महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा,पार्षद प्रवीण चौधरी शामिल हुए। रात 9 बजे के बाद पुतला दहन हुआ। रामलीला मैदान में रावण के पुतले की ऊंचाई 70, कुंभकरण 65 फुट और मेघनाथ की 60 फीट रखी गई है। सेक्टर-23 संजयनगर रामलीला में रात 12 बजे रावण दहन किया जाएगा। यहां पर रावण 60 फीट,कुंभकरण 55 फीट और मेघनाथ 50 फुट के पुतले लगाए गए थे। रामलीला मैदान में ईको-फ्रेंंडली पटाखे छोडऩे के साथ पुतले दहन हुए।

57 रामलीला स्थलों पर दहन किए गए पुतले
विजयदशमी पर्व पर जिले भर में करीब 57 स्थलों पर रावण,कुंभकरण,मेघनाथ के पुतले दहन किए गए। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की ओर से मेला एवं रावण दहन के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। निर्धारित समय के अनुसार पुतलों को दहन किया गया। शहर में रामलीला समितियों द्वारा दशहरा पर्व से कई दिन पहले से रामलीला का मंचन शुरू किया था। मेले में भीड़ उमड़ी, सुरक्षा की दृष्टि से जिले को दशहरा के मौके पर पुलिस फोर्स के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिले भर में करीब 57 रामलीला स्थलों पर मंचन करने के बाद पुतले दहन किए किए। रावण दहन कर परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। जिले में मोदीनगर,मुरादनगर,मसूरी,डासना,साहिबाबाद,विजयनगर,कौशांबी,इंदिरापुरम,भौपुरा राजेंद्रनगर,शालीमार गार्डन,लोनी के अलावा शहर में राजनगर,कविनगर, सेक्टर-23 संजयनगर,घंटाघर रामलीला मैदान आदि इलाकों में रामलीला मैदान में रावण,कुंभकरण,मेघनाथ के पुतले दहन करने के बाद विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

विजयदशमी पर्व पर चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था:
विजयदशमी पर्व पर जिले में पुलिस फोर्स की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहीं। रामलीला मैदान से लेकर सड़कों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं,लोगों को जाम के झाम से बचाव के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया। कुल मिलाकर जिले में विजयदशमी का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। मेलों में पुलिसकर्मियों के अलावा नागरिक पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ एलआईयू और फायर ब्रिगेड कर्मी भी मुस्तैद रहे।