राजद्रोह के आरोपियों के पोस्टर पर उभरा विवाद

किसानों के मंच पर शरजील के लिए उठी आवाज

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन जारी है। वहां कुछ विवादास्पद व्यक्तियों के पोस्टर दिखाई देने से एकाएक विवाद खड़ा हो गया है। राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम व उमर खालिद आदि कुछ आरोपियों के पोस्टर वहां लगाए जाने पर केंद्र सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। किसान आंदोलन के मध्य टिकरी बॉर्डर पर वीरवार को मानवाधिकार दिवस के अवसर पर प्रदर्शन किया गया था। इस बीच किसानों के मंच पर वह पोस्टर देखने को मिला, जिसकी किसी कोई उम्मीद नहीं थी। पोस्टर में शरजील इमाम, उमर खालिद, गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज, वरवरा राव आदि को रिहा करने की मांग की गई थी। शरजील इमाम और उमर खालिद को पुलिस ने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मसले पर केंद्र सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि एमएसपी, एएमपीसी और अन्य मुद्दे किसानों से संबंधित हैं, मगर यह पोस्टर किसान का मुद्दा कैसे हो सकते हैं। यह खतरनाक है और किसान संगठनों को इससे खुद को दूर रखना चाहिए। यह सिर्फ मुद्दों को हटाने और विचलित करने के लिए है। उधर, नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का शुक्रवार को 16वां दिन था। सरकार के साथ किसानों की कई दौर की वार्ता होने के बावजूद समस्या जस की तस है। उधर, कृषि मंत्री ने कहा है कि बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं। समस्याओं पर विचार हो रहा है। वहीं, सरकार पर दबाव बनाने को किसानों ने 8 दिसम्बर को भारत बंद का आह्वान किया था। सरकार ने किसानों को प्रस्ताव भी भेजा था। प्रस्ताव में नए कृषि कानूनों में संभावित संशोधन का जिक्र किया गया था, मगर किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके चलते दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की स्थिति कायम है।