दीपावली से पहले जीडीए की नीलामी में बिकी 15 संपत्तियां, प्राधिकरण को होगा 98.50 करोड़ का लाभ

-कोयल एंक्लेव के 2 भूखंड 44.02 करोड़ में बिके, इंदिरापुरम और इंद्रप्रस्थ योजनाओं के भूखंडों पर भी उच्चतम बोली
-जीडीए की पारदर्शी नीलामी से शहर में निवेशकों की रुचि बढ़ी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने दीपावली से पूर्व बुधवार को अपनी विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध रिक्त संपत्तियों की नीलामी का आयोजन किया, जिसमें कुल 15 संपत्तियां बेची गईं और प्राधिकरण को लगभग 98.50 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है। यह नीलामी लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जीडीए ओएसडी कनिका कौशिक ने की और अधिशासी अभियंता पीके शर्मा, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नीलामी में कुल 129 संपत्तियों को रखा गया था, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थाओं के भूखंड शामिल थे। बैंकों और अन्य निवेशकों से 185 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्होंने उत्साहपूर्वक इस पारदर्शी नीलामी में भाग लिया। कोयल एंक्लेव योजना के दो समूह हाउसिंग भूखंडों को सबसे अधिक बोली पर 44.02 करोड़ रुपए में बेचा गया।

इसके अलावा, इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट बी का औद्योगिक भूखंड 1.71 करोड़ में, पॉकेट एच का व्यवसायिक भूखंड 1.36 करोड़ में, इंदिरापुरम योजना शक्तिखंड-2 के दो आवासीय भूखंड 19.80 करोड़ में, शक्तिखंड-3 के तीन आवासीय भूखंड 11.12 करोड़ में, इंदिरापुरम विस्तार योजना ब्लॉक-ए के दो आवासीय भूखंड 17.33 करोड़ में, इंदिरापुरम योजना ज्ञानखंड-3 के दो दुकान भूखंड 1.37 करोड़ में और कौशांबी योजना ब्लॉक-ए के दो आवासीय भूखंड 1.76 करोड़ में बेचे गए। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने नीलामी की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि नीलामी में बेची गई संपत्तियों से प्राप्त धनराशि का उपयोग आगामी विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना निर्माण और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किया जाएगा।

जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण की इस नीलामी ने निवेशकों के बीच विश्वास को बढ़ाया है और शहर में रियल एस्टेट क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जीडीए इस प्रकार की पारदर्शी नीलामी आयोजित करता रहेगा ताकि सभी योग्य और इच्छुक निवेशकों को योजनाओं में हिस्सा लेने का अवसर मिल सके। विशेष रूप से, नीलामी में इंदिरापुरम और इंद्रप्रस्थ योजना के भूखंडों पर प्रतिस्पर्धा अधिक रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शहर में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों में निवेश की रुचि लगातार बढ़ रही है। इस अवसर पर उपस्थित निवेशकों और लाभार्थियों ने नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जीडीए के अधिकारियों की तत्परता की सराहना की। इस प्रकार, दीपावली से पहले आयोजित इस नीलामी ने गाजियाबाद में निवेशकों और आम नागरिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत किया। जीडीए की यह पहल न केवल प्राधिकरण की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि शहर में रियल एस्टेट और आधारभूत संरचना विकास को भी गति प्रदान करेगी।