-अनट्रेस्ड, शिफ्टेड, डुप्लीकेट और मृतक वोटरों की पहचान के लिए SIR प्रक्रिया का संचालन
-बीएलओ को प्रोत्साहित किया गया, गलत श्रेणी में दर्ज नामों को सुधारने की सुविधा उपलब्ध
-डिजिटलाइजेशन के तहत जिले में 60.06 प्रतिशत वोटर फॉर्म्स का हुआ कम्प्यूटराइज्ड ट्रैकिंग
-फॉर्म जमा कर नाम जोड़ने वाले 5,909 नए वोटरों के वेरिफिकेशन और सूची में शामिल होने की प्रक्रिया जारी
-हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग संख्या में हटाए गए मतदाता, सूची में पारदर्शिता और जनता को सूचना मुहैया कराने पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य त्रुटिरहित और साफ-सुथरी वोटर लिस्ट तैयार करना है। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान जिले में दस लाख से अधिक ऐसे मतदाता पाए गए हैं जिन्होंने अपने काउंटिंग फॉर्म को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को वापस नहीं किया। शनिवार को ऐसे सभी मतदाताओं की सूची हर पोलिंग स्टेशन पर चस्पा कर दी गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट ने मतदाताओं से अपील की कि वे लिंक पर जाकर अपने नाम की पुष्टि करें। यदि आपका नाम सूची में है और आप मतदाता हैं, तो अपने बीएलओ से संपर्क कर गणना प्रपत्र भरकर जमा करें और पावती अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि इस कार्य में कोई लापरवाही न करें।
इस अभियान में उन मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जो किसी कारणवश फॉर्म जमा नहीं कर पाए, जैसे अनट्रेस्ड वोटर, शिफ्ट हुए वोटर, डुप्लीकेट वोटर, मृतक वोटर और अन्य वोटर। अगर किसी वोटर का नाम गलती से गलत श्रेणी में डाल दिया गया है, तो वे एआरओ और बीएलओ से शिकायत कर सुधार करवा सकते हैं। इससे मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं होगी।
सौरभ भट्ट ने बताया कि सूची राजनीतिक पार्टियों के साथ भी साझा की जाएगी ताकि वे अपने बीएलओ की मदद से सूची का सत्यापन कर सकें। यदि कोई गलती पाई जाती है, तो उसकी रिपोर्ट की जा सकेगी। चुनाव आयोग ने एआरओ को गलत श्रेणी में दर्ज फॉर्म वापस लेने और सुधार कराने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट की एसआईआर देशहित का काम है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए बीएलओ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले चरण की तारीख बढ़ा दी गई है, जिससे बीएलओ के पास काम पूरा करने के लिए और अधिक समय है।
जनपद में शुक्रवार तक कुल 60.06 प्रतिशत वोटरों के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार डिजिटाइजेशन की स्थिति इस प्रकार है: लोनी में 64.75 प्रतिशत, मुरादनगर में 67.06 प्रतिशत, साहिबाबाद में 47.09 प्रतिशत, गाजियाबाद शहर में 64.88 प्रतिशत और मोदीनगर में 76.59 प्रतिशत वोटरों के फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं।
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए जिले में 5,909 मतदाताओं ने फॉर्म नंबर-6 भरकर बीएलओ को जमा किया है। साथ ही उन्होंने घोषणा पत्र भी जमा किया है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिए जाएंगे।
विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों के अनुसार, लोनी विधानसभा क्षेत्र में कुल 532,755 वोटर हैं, जिनमें 10,007 मृतक, 90,565 लापता, 48,303 शिफ्ट हुए, 3,227 डुप्लीकेट और 24,140 अन्य वोटर हैं। मुरादनगर में 459,698 वोटर हैं, जिनमें 12,144 मृतक, 48,142 लापता, 78,564 शिफ्ट हुए, 5,615 डुप्लीकेट और 6,696 अन्य वोटर हैं। साहिबाबाद में कुल 1,042,469 वोटर हैं, जिनमें 21,490 मृतक, 223,315 लापता, 200,950 शिफ्ट हुए, 10,587 डुप्लीकेट और 13,269 अन्य वोटर हैं। गाजियाबाद शहर में 468,304 वोटर हैं, जिनमें 10,616 मृतक, 84,435 लापता, 57,734 शिफ्ट हुए, 4,440 डुप्लीकेट और 7,890 अन्य वोटर हैं। मोदीनगर में कुल 334,765 वोटर हैं, जिनमें 8,805 मृतक, 37,209 लापता, 23,072 शिफ्ट हुए, 4,565 डुप्लीकेट और 4,959 अन्य वोटर हैं। कुल मिलाकर जिले में 28,37,991 वोटर हैं, जिनमें 63,062 मृतक, 4,83,665 लापता, 4,08,623 शिफ्ट हुए, 28,434 डुप्लीकेट और 56,954 अन्य वोटर हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट ने कहा कि एसआईआर अभियान के तहत वोटर लिस्ट को त्रुटिरहित और डिजिटल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने फॉर्म समय पर जमा करें, आवश्यक सुधार कराएं और पावती प्राप्त करें, ताकि आगामी चुनाव में सभी योग्य मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें।

















