-एस्टीमेट से लेकर टेंडर तक डिजिटल सिस्टम, देरी पर अभियंता और ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में अब देरी, लापरवाही और अपारदर्शिता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सभी निर्माण परियोजनाओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाएगा। सोमवार को अभियंत्रण अनुभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने सचिव राजेश कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन और अभियंत्रण अनुभाग के अधिशासी अभियंताओं के साथ बैठक में चल रहे एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए कार्य प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि किसी भी नए निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए।
इससे एस्टीमेट तैयार करने में होने वाली अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी और कार्यों की समय पर शुरुआत सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही सभी निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए एक समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय की बचत के उद्देश्य से नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट किया कि टेंडर से संबंधित समस्त कार्रवाई ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी बल्कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब की पहचान भी आसानी से हो सकेगी।
उपाध्यक्ष ने अवर अभियंताओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एस्टीमेट समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करना उनकी जिम्मेदारी है।
यदि किसी अवर अभियंता द्वारा जानबूझकर या लापरवाही के कारण एस्टीमेट तैयार करने में देरी की जाती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे कार्य से भी हटाया जा सकता है। नंद किशोर कलाल ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट समयावधि तय की जाए और उसका सख्ती से पालन कराया जाए। यदि किसी कार्य में ठेकेदार या एजेंसी की ओर से अनावश्यक विलंब होता है तो नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में पर्यावरणीय मानकों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया।
उपाध्यक्ष ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों के दौरान ग्रैप के नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गुणवत्ता, समयबद्धता और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अंत में जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि इन सख्त व्यवस्थाओं का उद्देश्य आमजन को बेहतर और समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर गाजियाबाद को एक बेहतर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
















