‘ज्ञान यात्रा’ से बदली सोच और भविष्य, गांधी आइडियल स्कूल में डिजिटल शिक्षा अभियान का भव्य सम्मान समारोह

  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की सामाजिक पहल से वंचित छात्रों को मिला डिजिटल सशक्तिकरण का मजबूत आधार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गांधी आइडियल स्कूल में शनिवार को क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की सामाजिक-शैक्षिक पहल ‘ज्ञान यात्रा’ के अंतर्गत आयोजित 30 घंटे के डिजिटल शिक्षा अभियान के सफल संचालन के उपलक्ष्य में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह अभियान समाज के वंचित वर्ग के छात्रों को कंप्यूटर ज्ञान और डिजिटल साक्षरता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया, जिसने छात्रों के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोले। समारोह में वार्ड 39 के पार्षद उदित मोहन गर्ग, गांधी आइडियल स्कूल के निदेशक सिद्धार्थ गुप्ता तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या सुगंधा गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने इस पहल को सामाजिक उत्थान की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास बताते हुए इसकी सराहना की।

इस अवसर पर क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ साइंसेस की डीएसए समन्वयक डॉ. वरुणा गुप्ता, डॉ. मंजुला शानभोग एवं डीएसए छात्र समन्वयकों को डिजिटल शिक्षा अभियान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने कहा कि विश्वविद्यालय और विद्यालय के संयुक्त प्रयास से यह अभियान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करने में सफल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी आइडियल स्कूल के विद्यार्थियों अनाया, अभि कौशिक, वर्णिका, वार्तिका, निधि झा एवं याशु तोमर द्वारा प्रस्तुत सुसंगठित और भावपूर्ण स्वागत प्रस्तुति से हुआ, जिसने समारोह को जीवंत और प्रेरणादायक बना दिया।

छात्रों की प्रस्तुति ने शिक्षा और संस्कारों के समन्वय का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि ‘ज्ञान यात्रा’ जैसे अभियान आज के डिजिटल युग में वंचित छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और डिजिटल ज्ञान केवल तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि भविष्य की शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की कुंजी है। इस प्रकार की पहल छात्रों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे का सशक्त माध्यम बन रही है। अतिथियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य में ऐसे सामाजिक-शैक्षिक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक छात्र डिजिटल रूप से सशक्त होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।

विद्यालय प्रशासन और क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की टीम ने संयुक्त रूप से यह संकल्प व्यक्त किया कि ‘ज्ञान यात्रा’ अभियान को आगे भी विस्तार दिया जाएगा। समारोह का समापन सकारात्मक संदेश और प्रेरणादायक वातावरण के साथ हुआ, जहां सभी ने यह विश्वास जताया कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग के छात्रों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। ‘ज्ञान यात्रा’ न केवल एक अभियान, बल्कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की मजबूत शुरुआत बनकर उभरी।