कैलाश मानसरोवर भवन के रख-रखाव व संचालन के लिए प्री-बिड में भाग ली 6 एजेंसियां

-जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने की प्री-बिड बैठक की अध्यक्षता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन के रख-रखाव एवं संचालन को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में सोमवार को जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जीडीए सभागार में प्री-बिड बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्त नियंत्रक अशोक कुमार वाजपेयी, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, सहायक अभियंता एवं बोर्ड की टीम मौजूद रही।जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि प्री-बिड बैठक में कुल छह एजेंसियों ने भाग लिया। इन एजेंसियों ने आरक्षण पूर्व डॉक्यूमेंट के संबंध में अपने सुझाव और आपत्तियां साझा कीं, जिन्हें लिखित में भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि इन सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता पडऩे पर आरक्षण पूर्व डॉक्यूमेंट में संशोधन प्रस्तावित किया जाएगा।

शिफारिशों और आपत्तियों के आधार पर जीडीए आवश्यक संशोधन करेगा और संशोधित शर्तों को शुद्धि पत्र के माध्यम से निविदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। सचिव मिश्रा ने कहा कि इस प्रक्रिया से निविदा की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और भवन के रख-रखाव व संचालन का कार्य अधिक प्रभावी तरीके से संपन्न किया जा सकेगा। इस प्री-बिड बैठक का उद्देश्य एजेंसियों की सुझावों और आपत्तियों के माध्यम से निविदा प्रक्रिया को और सटीक बनाना है ताकि चयनित एजेंसी द्वारा भवन का रख-रखाव, संचालन और सेवाएं उच्च गुणवत्ता के साथ प्रदान की जा सकें।

जीडीए के अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि कैलाश मानसरोवर भवन शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है और इसकी सही देखभाल एवं सुचारू संचालन के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि निविदा प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन करते हुए पूरी की जाएगी। इस बैठक में सचिव विवेक मिश्रा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि भवन के रख-रखाव और संचालन से जुड़ी सभी तैयारियों में समयबद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि भवन का संचालन न केवल तकनीकी मानकों के अनुसार होना चाहिए, बल्कि जनता को सर्वोत्तम सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से भी कार्य किया जाए।