यमुना सिटी में लगेगी प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट, औद्योगिक इतिहास में नया अध्याय

-एचसीएल-फॉक्सकॉन को 48 एकड़ भूमि, 3706 करोड़ का बड़ा निवेश
-22 हजार करोड़ से अधिक औद्योगिक निवेश से 30 हजार से ज्यादा रोजगार का रास्ता साफ
-इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल कॉलेज और डिवाइस पार्क से यीडा बनेगा औद्योगिक हब

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यमुना सिटी में प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूमि का आवंटन पत्र सौंपा। इस परियोजना में 3706.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हजारों अन्य लोगों को भी लाभ होगा। प्रस्तावित सेमीकंडक्टर यूनिट में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रतिदिन करीब 2.40 लाख स्मॉल पैनल ड्राइवर आईसी और डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण किया जाएगा। यह यूनिट इलेक्ट्रॉनिक्स और डिस्प्ले इंडस्ट्री की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना के संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग 19 हजार केवीए बिजली और 2000 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी, जिसके लिए यीडा द्वारा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है। सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना से प्रदेश आत्मनिर्भर भारत अभियान में मजबूत भूमिका निभाएगा और युवाओं को उच्च तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। सेमीकंडक्टर परियोजना के साथ-साथ यीडा क्षेत्र में अन्य बड़े निवेश भी सुनिश्चित किए गए हैं। सेक्टर-10 में ईएमसी योजना के तहत मैसर्स एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां फ्लेक्सिबल पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का उत्पादन होगा।

इस परियोजना से क्षेत्र में 3250 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। इसी क्रम में सेक्टर-8 में मैसर्स अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां कॉपर क्लैड लैमिनेट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में 3532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे यीडा क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सेक्टर-17ए में मैसर्स बोद्धिस्तवा चैरिटेबल ट्रस्ट को 20.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी।

इस परियोजना में 532.18 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश को लेकर विप्रो जीई, फिलिप्स और पेनेशिया जैसी दिग्गज कंपनियों के सीईओ ने मुख्यमंत्री से बातचीत की, जिससे भविष्य में और बड़े निवेश की संभावना बढ़ गई है। यीडा प्राधिकरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 74 औद्योगिक इकाइयों को लगभग 22 लाख वर्गमीटर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। इससे करीब 22,960 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 31,627 लोगों के लिए रोजगार सृजन का अनुमान है।

प्राधिकरण का लक्ष्य वर्ष के अंत तक करीब 180 कंपनियों के संचालन को सुनिश्चित करना है, जिससे यमुना सिटी औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन सके। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। सेमीकंडक्टर यूनिट सहित अन्य बड़ी परियोजनाओं के आने से यमुना सिटी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर भी एक मजबूत पहचान बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनेगा।