- डिजिटल प्रशिक्षण और अनुशासनबद्ध नेतृत्व से जिले की प्रशासनिक दक्षता में अभूतपूर्व सुधार
- आइगाट मिशन कर्मयोगी प्लेटफार्म के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में तेजी से वृद्धि
- धर्मजीत त्रिपाठी की प्रेरक और अनुशासनबद्ध कार्यशैली ने जिले की प्रशासनिक क्षमता को नई ऊँचाई दी
- जिला पंचायत बुलंदशहर ने टॉप रैंक हासिल कर बनाया प्रेरणा का उदाहरण
उदय भूमि संवाददाता
बुलंदशहर। जिले में आइगाट मिशन कर्मयोगी अभियान अब तेजी से गति पकड़ चुका है। डिजिटल प्लेटफार्म और ई-गवर्नेंस के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता में वृद्धि हो रही है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मिशन कर्मयोगी के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के तहत विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे उनके कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता में सुधार हो रहा है। मिशन कर्मयोगी के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में ‘योगा ब्रेक एट वर्कप्लेस’, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम 2013, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल पर खरीद प्रक्रिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मूल बातें और सूचना का अधिकार अधिनियम शामिल हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को इन पाठ्यक्रमों को डिजिटल प्लेटफार्म पर पूरा करना अनिवार्य है। 31 मार्च तक सभी अधिकारियों को अपने रिपोर्ट और प्रमाणपत्र आइगाट पोर्टल पर अपलोड करने हैं। इस प्रणाली से जिलास्तर पर हर माह कर्मचारियों की प्रगति और दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने इस अभियान में अपनी अनुशासनबद्ध और समर्पित कार्यशैली के माध्यम से जिले की कार्यक्षमता को नई ऊँचाईयों तक पहुँचाया है। उन्होंने अब तक करीब 122 घंटे में 152 प्रमाणपत्र और 394 प्वाइंट हासिल किए हैं। उनके प्रयास न केवल सरकारी कामकाज में उत्कृष्टता लाते हैं, बल्कि जिला प्रशासन की छवि को भी मजबूती प्रदान करते हैं। धर्मजीत त्रिपाठी की कार्यशैली यह सुनिश्चित करती है कि सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रभावी ढंग से संपन्न हों और अधिकारियों की दक्षता में वास्तविक सुधार आए। धर्मजीत त्रिपाठी के समर्पण और कड़ी मेहनत के चलते जिला पंचायत बुलंदशहर उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग में टॉप रैंक हासिल करने में सफल रहा है। उनका यह प्रयास अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण लेने से न केवल व्यक्तिगत कार्यकुशलता बढ़ रही है, बल्कि विभाग की योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो रहा है। जिले में मिशन कर्मयोगी को और प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में अतिरिक्त पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में डिजिटल कौशल, प्रशासनिक सुधार, टास्क मैनेजमेंट और एआई आधारित कार्यप्रणाली पर विशेष जोर दिया जाएगा। धर्मजीत त्रिपाठी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे नियमित रूप से डिजिटल प्रशिक्षण में भाग लें और सीखने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखें। धर्मजीत त्रिपाठी के नेतृत्व में बुलंदशहर जिले ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफार्म और कड़ी मेहनत के साथ किसी भी जिले की प्रशासनिक क्षमता में सुधार संभव है। मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण और दक्षता सुधार से जिले में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया और मजबूत हुई है।
















