लॉटरी में निकले सपनों के घर, पीएम आवास योजना से 146 परिवारों को मिली छत

-हिंदी भवन में पारदर्शी प्रक्रिया के बीच हुआ ड्रॉ, पात्र लाभार्थियों के चेहरे खिले
-नूरनगर परियोजना में बने ईडब्ल्यूएस भवन, शासन की प्राथमिकता के तहत आवंटन
-जीडीए ने निष्पक्ष प्रणाली से दिलाया भरोसा, शीघ्र ही आवंटियों को मिलेगा आवास

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लंबे समय से अपने घर का सपना संजोए बैठे आवेदकों के लिए मंगलवार का दिन खुशियों से भरा रहा। योजना के अंतर्गत ग्राम नूरनगर में निर्मित 146 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों का आवंटन लॉटरी ड्रॉ के माध्यम से किया गया। जैसे ही पात्र आवेदकों के नाम घोषित हुए, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में सुबह 11 बजे से लॉटरी प्रक्रिया शुरू हुई। ड्रॉ एडीएम सिटी विकास कश्यप की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, जिसमें अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक अशोक कुमार वाजपेयी, डूडा परियोजना अधिकारी संजय पथेरिया, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार तथा सीएलटीसी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत योजना संख्या-930-41डी में निजी विकासकर्ता मैसर्स रॉकफोर्ट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खसरा संख्या-1174, ग्राम नूरनगर में इन भवनों का निर्माण किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र आवेदकों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लॉटरी ड्रॉ कराया गया। ड्रॉ प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई। सभी पात्र आवेदकों की मौजूदगी में पर्चियों को बॉक्स में डालकर निकाला गया, जिससे प्रक्रिया पर भरोसा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। 146 आवंटियों के अतिरिक्त 13 वेटिंग सूची आवेदकों के लिए भी लॉटरी प्रक्रिया सम्पन्न की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आवेदक उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, आवंटन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही पूरी की जाएगी। जीडीए ने भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी एवं जनहितकारी आवंटन प्रणाली अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।