बिना ब्याज हाउस टैक्स जमा करने का मौका, नगर निगम ने पोर्टल अपडेट कर दी बड़ी राहत

-तीन माह तक नहीं लगेगा 12% ब्याज, पुरानी दरों पर जमा होगा बकाया टैक्स
-पोर्टल अपडेट होते ही करदाताओं के लिए खुला राहत का रास्ता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के लाखों करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स से संबंधित अपना ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह अपडेट कर दिया है। अब जिन संपत्ति स्वामियों ने अभी तक हाउस टैक्स जमा नहीं कराया है, वे बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के पुरानी दरों पर बकाया कर जमा कर सकेंगे। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाउस टैक्स पर लगने वाला 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज आगामी तीन माह तक नहीं लगाया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक करदाताओं को टैक्स भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना और लंबित राजस्व की वसूली को गति देना है। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल अपडेट की जानकारी शहर के प्रत्येक वार्ड और जोन तक पहुंचाई जाए, ताकि करदाता समय रहते इस सुविधा का लाभ उठा सकें। नगर निगम द्वारा इस बार हाउस टैक्स भुगतान को आसान और आकर्षक बनाने के लिए कई स्तरों पर छूट की व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन के अनुसार करदाताओं को मूल हाउस टैक्स पर 20 प्रतिशत तक की सामान्य छूट दी जा रही है। इसके अतिरिक्त कूड़ा-कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट प्रदान की जा रही है।

ऑनलाइन भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यम से टैक्स जमा करने पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी निर्धारित की गई है। वहीं भवनों की आयु के आधार पर भी राहत दी गई है। दस वर्ष से पुराने भवनों पर 25 प्रतिशत, दस से बीस वर्ष पुराने भवनों पर 32.5 प्रतिशत तथा बीस वर्ष से अधिक पुराने भवनों पर 40 प्रतिशत तक की छूट अभिलेखों के सत्यापन के बाद प्रदान की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि यह व्यवस्था आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियों पर लागू होगी। करदाता चाहें तो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से या शहर के पांचों जोनल कार्यालयों में जाकर हाउस टैक्स जमा कर सकते हैं। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम के सभी जोनल अधिकारियों, टैक्स विभाग की टीम तथा क्षेत्रीय पार्षदों को विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि करदाताओं को पोर्टल अपडेट, ब्याज में राहत और उपलब्ध छूटों की पूरी जानकारी दी जाए।

नगर आयुक्त ने बताया कि कई करदाता तकनीकी जानकारी के अभाव में हाउस टैक्स जमा नहीं कर पा रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए अब जोनल कार्यालयों में प्रतिदिन विशेष जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जहां हाउस टैक्स से जुड़े संशय, रिकॉर्ड सुधार और भुगतान संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यह समय नगर निगम द्वारा दी जा रही विशेष राहत का लाभ उठाने का है। निर्धारित अवधि के भीतर टैक्स जमा करने से न केवल ब्याज से बचाव होगा बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

नगर निगम प्रशासन का मानना है कि हाउस टैक्स शहर के विकास का प्रमुख आर्थिक आधार है। सड़कों का निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, पार्कों का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट, सीवर लाइन और अन्य बुनियादी सुविधाएं नगर निगम के राजस्व पर ही निर्भर करती हैं। पिछले कुछ समय से बजट और राजस्व संग्रह प्रभावित होने के कारण कई विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई थी। ऐसे में ब्याज माफी और छूट योजना के माध्यम से नगर निगम राजस्व संग्रह बढ़ाने की रणनीति पर कार्य कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अधिक से अधिक करदाता इस योजना का लाभ उठाते हैं तो नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और शहर में लंबित विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगामी महीनों में डिजिटल टैक्स सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा ताकि नागरिक घर बैठे ही सभी सेवाओं का लाभ ले सकें। प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शी, सरल और नागरिक हितैषी कर व्यवस्था विकसित करना है। नगर निगम की इस पहल को करदाताओं के लिए बड़ी राहत और शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ब्याज माफी और छूट योजना से कितने लोग आगे आकर हाउस टैक्स जमा करते हैं और शहर के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।