आबकारी विभाग का ‘नाइट स्ट्राइक’ ऑपरेशन सफल- ब्लैक में शराब बेचने वाले दो तस्कर गिरफ्तार

-रात के अंधेरे में चला चक्रव्यूह, अवैध शराब कारोबारियों की टूटी कमर
-दुकान बंद होने के बाद ब्लैक सप्लाई का खुलासा, सघन चेकिंग से मचा हड़कंप

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में अवैध शराब कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाया जा रहा विशेष प्रवर्तन अभियान अब निर्णायक रूप लेता दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग की सख्त निगरानी और रणनीतिक कार्रवाई के चलते शराब तस्करों के नेटवर्क पर लगातार चोट की जा रही है। गुरुवार और शुक्रवार की रात आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए दो अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से शराब की तस्करी और ब्लैक बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। जनपद गौतमबुद्ध नगर में इन दिनों आबकारी विभाग की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग ने तस्करों के खिलाफ बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है। दिन में अवैध अड्डों पर दबिश और रात में अचानक चेकिंग अभियान चलाकर विभाग तस्करों की गतिविधियों को पूरी तरह से बाधित करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्कर दुकानें बंद होने के बाद ब्लैक में बिक्री कर मोटा मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे थे, जिसे अब व्यवस्थित रूप से समाप्त किया जा रहा है।

शुक्रवार रात आबकारी निरीक्षक डॉ शिखा ठाकुर एवं थाना 135 एक्सप्रेसवे पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान सेक्टर-135 स्थित डूब क्षेत्र अमृत सरोवर के पास संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर रोहन कुमार पुत्र शिव कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से ट्विन टावर ब्रांड की देशी शराब के 200 एमएल क्षमता वाले 44 पौव्वे बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी देर रात शराब की अवैध सप्लाई कर रहा था और दुकान बंद होने के बाद ब्लैक में बिक्री की तैयारी कर रहा था। इसी क्रम में गुरुवार रात आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी की टीम ने थाना सेक्टर-10 क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। पार्क के अंदर बने एक खंडहर के पास संदिग्ध गतिविधि देख टीम ने छापेमारी की, जहां से आशीष उर्फ आशू पुत्र उमेश को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से दोस्ताना ब्रांड की देशी शराब के 200 एमएल क्षमता वाले 105 पौव्वे बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से रात के समय अवैध बिक्री कर रहा था।

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार शराब तस्कर अब खुलेआम कारोबार करने के बजाय सुनसान स्थानों, पार्कों और डूब क्षेत्रों को ठिकाना बनाकर पुलिस और विभागीय निगरानी से बचने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि विभाग की लगातार बदलती रणनीति और खुफिया निगरानी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि अवैध शराब बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनपद में लगातार रात्रिकालीन अभियान चलाए जाएंगे और दुकानों के बंद होने के बाद होने वाली ब्लैक मार्केटिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग का मानना है कि लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में भय का माहौल बना है और आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा। आबकारी विभाग की यह सक्रियता न केवल राजस्व संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है बल्कि अवैध शराब से होने वाली संभावित घटनाओं को रोकने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो रही है। प्रशासन का संदेश साफ है-जनपद में अब अवैध शराब कारोबार के लिए कोई जगह नहीं बची है।