पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला का इस्तीफा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से करीबियों के दूर जाने का सिलसिला रूका नहीं है। अब खेल मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने त्याग पत्र दे दिया है। उन्होंने मंत्री पद के साथ-साथ हावड़ा जिलाध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया है। चर्चा है कि पूर्व क्रिकेटर शुक्ला सियासत को अलविदा करने के मूड में हैं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधान सभा चुनाव होने की संभावना है। इसके मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दल आवश्यक तैयारियों में जुट गए हैं। विधान सभा चुनाव से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा में तोड़-फोड़ चल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपनों का साथ छूट रहा है। पहले शुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वह भाजपा में चले गए। अब पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने त्याग पत्र देकर ममता बनर्जी की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्ला टीम इंडिया की ओर से 3 वनडे खेल चुके हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी वह कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे हैं। शुक्ला ने पिछले विधान सभा चुनाव से पहले टीएमसी की सदस्यता ग्रहण कर सियासी पारी की शुरुआत की थी। वह बंगाल के हावड़ा उत्तर से विधायक चुने गए। बाद में ममता सरकार में उन्हें खेल और युवा मामलों के मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। बताया गया है कि लक्ष्मी रतन शुक्ला सियासत छोड़ने के इच्छुक हैं। शुक्ला द्वारा इस्तीफा दिए जाने के पीछे के कारण अभी साफ नहीं हो पाए हैं। टीएमसी को एक के बाद एक झटका लग रहा है। राज्य में भाजपा की जमीन निरंतर मजबूत हो रही है। इससे टीएमसी की बेचैनी ज्यादा बढ़ गई है। खेल मंत्री पद से लक्ष्मी रतन शुक्ला द्वारा इस्तीफा दिए जाने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद बेचैन हैं। आगामी विधान सभा चुनाव में टीएमसी और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला होने की संभावना है।
















