मरीजों की कुल संख्या हुई 5105, जिले में 873 मरीजों का चल रहा हैं उपचार
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की पहले के सापेक्ष जिले में संख्या घट रही है। लेकिन वहीं शनिवार को एक बार फिर कोरोना संक्रमितों का आकड़ा सौ से अधिक पार हो गया। लेकिन संक्रमितों की जारी खोज के चलते पहले के सापेक्ष कमी आने लगी है। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय की मानें तो सितंबर तक जिले को कोरोना मुक्त करने के लिए कई प्रकार से कार्रवाई की जा रही हैं। जिले में सैंपलिंग बढ़ने के साथ पांच स्तरीय जांच का जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई जारी है। कोरोना संक्रमित मरीजों की खोज कर संभावित कोरोना को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा हैं। वहीं,जिले में कोरोना को मात देकर स्वस्थ होने वाले मरीजों का रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का अब आंकड़ा-5105 तक पहुंच गया है। जिले में शनिवार को कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा दस दिन बाद फिर शतक पार कर गया। डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की अपेक्षा तीन गुने से भी अधिक मरीज संक्रमित हुए हैं। पिछले दस दिन से एक सौ से कम यानि 71 से 80 के बीच संक्रमित हो रहे थे। नए मरीजों के साथ अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या पांच हजार से अधिक हो गई है। 169 नए मरीजों के साथ ही 54 डिस्चार्ज किए गए हैं। अब तक संक्रमण की चपेट में 5105 आए हैं। इनमें से 4168 डिस्चार्ज हुए हैं, जबकि 873 का इलाज जारी है। एक युवक की मौत प्राइवेट अस्पताल में हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी होने से इंकार किया है। मृतकों का आंकड़ा एक महीने से 64 पर ही स्थिर है।
जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए जारी जंग में अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को शामिल करते हुए अब घर-घर जाकर जानकारी ली जा रही है। इसमें 3048 बीएलओ एवं 237 सुपरवाइजर को लगाया गया हैं। बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र में वोटर और आमजन से संपर्क कर डोर-टू-डोर घरों के सदस्यों में कोरोना के लक्षण बुखार, खांसी, बदन दर्द, जुकाम, गला खराब, सांस लेने में दिक्कत आदि की जानकारी लेंगे। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब संयुक्त रूप से प्रत्येक सप्ताह एक विशेष अभियान चलाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान चलाएंगी। इसके लिए उस क्षेत्र विशेष के सभी लोगों की क्लीनिकल जांच होगी। जिन लोगों में आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) और सारी यानी सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के लक्षण मिलेंगे, इन लोगों को कोरोना के संभावित उपचाराधीन मानते हुए जांच कराने के लिए एक पर्ची दी जाएगी। प्रत्येक शुक्रवार को संबंधित क्षेत्र में मोबाइल वैन भेजकर पर्ची पाने वालों की एंटीजन किट से जांच की जाएगी। इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि जिन लोगों को पर्चियां दी गई हैं, उन सभी की जांच अवश्य हो जाए।
















