-लोकपाल, एन्टीक्रप्शन, आईआरडीए अधिकारी बनकर लोगों से करते थे ठगी
-2015 से हजारों लोगों से कर चुके करोड़ो की ठगी
गाजियाबाद। साइबर ठगों के खिलाफ आपकी सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। आपकी सावधानी ठगों को ठेंगा दिखा सकती है। साइबर ठग आपको ठगने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाते हैं, इसलिए इंटरनेट के किसी भी तरह के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। साइबर ठग आपको ठगने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाते हैं। कभी सोशल मीडिया को तो कभी ई-मेल और टोल फ्री नंबर के सहारे ठगी को अंजाम दिया जाता है। ठग हमेशा घात लगाए रहते हैं कि कब आप लापरवाह बनें और वो आपकी मेहनत की कमाई पर हाथ फेर दें। साइबर सैल एवं कविनगर पुलिस की संयुक्त टीम के हाथ एक ओर नई सफलता हाथ लगी है। जिन ठगों को मुंबई पुलिस करीब 3 साल से गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही थी, उन ठगों को गाजियाबाद की साइबर सैल एवं कविनगर पुलिस की संयुक्त टीम करीब 20 दिन में ही धर-दबोच लिया। पकड़े गये ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए मुंबई समेत कई शहरों मेंं करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले लोकपाल बनकर गिरोह के 2 शातिर ठग को कविनगर पुलिस और साइबर सैल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। वर्ष 2017 मुंबई से 60 लाख की ठगी में फरार चल रहे थे। जिसको मुंबई पुलिस पकडऩे के लिए हर संभव प्रयास करती रही, लेकिन ठग भी इतने शातिर थे कि वह वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से बच निकले। जब मुंबई पुलिस ठगों को पकडऩे में असमर्थ साबित हुई तो उन्होने एसपी सिटी प्रथम से संपर्क किया। एसपी सिटी ने ठगों की प्रोफाइल मिलने के बाद टीम का गठन कर आरोपियों को 20 दिन में दबोच लिया।
शनिवार को कविनगर थाने में घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र की मौजूदगी में बताया कि जिले में ऑपरेशन 420 के तहत अभियान के तहत साइबर सैल प्रभारी सुमित कुमार एवं कविनगर थाना प्रभारी अजय सिंंह की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एएलटी कट के पास से नवीन पुत्र मदनलाल निवासी जैतपुर एक्सटेंशन बदरपुर दिल्ली, पुनीत सिंह तोमर पुत्र यशपाल सिंह तोमर निवासी सादतपुर विस्तार करावल नगर पूर्व दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। जिनकी निशानदेही पर इंदिरापुरम में किराए के ऑफिस में छापेमारी की कार्रवाई के दौरान 10 मोबाइल फेान, पास बुक, 8 डाटा पेपर शीट, 8 एटीएम कार्ड, दो वोट आईडी कार्ड, पेन कार्ड, एसबीआई बैंक के गारंटी लेटर की कॉपी, वोट आईडी कार्ड की फोटो कॉपी, प्रार्थना पत्र की कॉपी, आईआरडीए लेटर की कॉपी बरामद किया गया।
एसपी सिटी ने बताया पकड़ गये आरोपी इतने शातिर थे कि विभिन्न कंपन्नियों से डाटा प्राप्त कर फोटो शॉप एप्लीकेशन से फर्जी लेटर तैयार कर फर्जी आईडी पर नये नंबर खरीदते थे। फर्जी नंबरों से पॉलिसीधारकों को कॉल करके अपने साथियों के फर्जी बैंब खातों में पॉलिसी लैप्स की रकम दिलाने के नाम पर खुद को लोकपाल, एन्टीक्रप्शन, आईआरडीए अधिकारी बताकर ठगी करते थे। आरोपी वर्ष 2015 से हजारों लोगों से करोड़ो रूपए की ठगी कर चुके है। गिरोह के अन्य साथी फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। एसपी सिटी ने बताया आरोपियों के खिलाफ जिला चन्दरपुर मुबंई वर्ष 2017 में 60 लाख रूपए की ठगी का मुकदमा दर्ज है। आरोपी 60 लाख की ठगी के मामले में फरार चल रहे थे। सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया नवीन 12वीं पास है और पुनीत बीए पास है। आरोपी भोले-भाले लोगों को बैंक में खाता खुुलवाने के लिए ढूंढते थे। जिनकी आईडी पर बैंक मेंं खाता खुलवाते थे। जिसके बाद उसका एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते थे। उनकी आईडी पर ही फर्जी नंबर लेकर ठगी करते थे। जब तक उन्हें ठगी का पता चलता तब तक आरोपी ठगी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके होते थे। गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए टीम कार्र्रवाई कर रही है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार लिया जाएगा।
आपकी सावधानी है आपका हथियार :-
आजकल सोशल मीडिया अकाउंट हैक करके दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे मांगने के मामले आम हो चले हैं।
इसलिए किसी दोस्त या रिश्तेदार द्वारा सोशल मीडिया पर पैसे की मांग करने पर उसे फोन करें और जांच लें कि क्या वो पैसे मांग रहा है या किसी ने उसका सोशल मीडिया अकाउंट हैक करके उससे पैसों की मांग की है। सोशल मीडिया के अपने अकाउंट को सिक्योर करें ताकि उसका डुप्लीकेट या उसे हैक ना किया जा सकें। इसके अलावा महंगी गाड़ी सस्ते में देने, डिस्काउंट, ऑफर, लाखों-करोड़ों की लॉटरी, गहनों का लालच दिया जाता है और बदले में इनकम टैक्स या किसी फीस के रूप में लाखों रुपये की ठगी होती है। ऐसे ऑफर देने वाले ठगों को सावधानी का ठेंगा दिखाना चाहिए। क्योंकि आपकी सावधानी ही आपका हथियार है।
निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी प्रथम गाजियाबाद
















