जपानी भाषा सीखने के बाद जपान के लोगों को बनाया निशाना

-विदेशों में काल करके कर चुके करोड़ो की ठगी, 6 गिरफ्तार

गाजियाबाद। दुनिया में काफी बदलाव आ गया है और इसके साथ ही इंसान का एक-दूसरे से संवाद का तरीका भी बदल गया है। आज के माहौल में इंग्लिश की अहमियत काफी बढ़ गई है। कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लिए स्पीकिंग कोर्स का इस्तेमाल ठगी में किया जा रहा है। साइबर क्राइम की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। साइबर ठगों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। साइबर ठगों के हौसले इतने बढ़ गये हैं कि वह अब देश क्या अब विदेश के लोगों को भी अपना निशाना बना रहे है। साइबर सेल की टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफास किया है। जिनके निशाने पर देश के साथ विदेश के लोग रहते थे। आरोपी विदेशों कॉल करके सोशल नेटवर्किंग एवं सॉफ्टवेयर अपडेट कराने के नाम पर ठगी करते थे। साइबर सेेल एवं विजयनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने ऐसे ही 6 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। हरसांव स्थित पुलसि लाइन में मंगलवार को घटना का खुलासा करते हुए डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक ने एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, एसपी देहात डॉ. ईरज राजा की मौजूदगी में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार, विजयनगर थाना निरीक्षक राज रानी की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर गऊशाला चैकिंग बूथ के पास से आशीष सूरी पुत्र श्री केवल कृष्ण निवासी बेगमपुर रोहिणी दिल्ली, अविनाश गुप्ता पुत्र मोतीलाल निवासी मौहल्ला मवाना मेरठ, एडविन जॉर्ज पुत्र कमल जॉर्ज निवासी पंचतत्व सोसायटी गौतमबुद्धनगर, आदर्श पुत्र सुरेन्द्र सिंह निवासी सिकन्दरपुर जीबीनगर बिहार, उमेश नेगी पुत्र सतेन्द्र नेगी निवासी ट्रोनिका सिटी, विक्रमचन्द दास पुत्र परमलचन्द दास निवासी पतपडग़ंज दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 8 मोबाइल, 8 डाटा पेपर शीट, चार एटीएम कार्ड, आईडी कार्ड, वाई-फाई मॉडम बरामद किया गया। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गये आरोपित इंटर एवं ग्रेजुएट है। आरोपी अपने फरार साथियों के साथ मिलकर स्काईप एवं एक्स लाइट ऐप से कॉल करके जपानी लोगों से सॉफ्टवेयर अपडेट कराने के नाम पर गूगल-प्ले के स्क्रैच कार्ड मगवाने के बाद फर्जी आईडी पर सिम खरीदकर बैंक में खाता खुलवाते थे। ब्रोकर के माध्यम से जपानी की करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलवा लेते थे। आरोपी पिछले डेढ वर्ष से सैकड़ो ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके है। उन्होने बताया आरोपियों के निशाने पर जपान के लोग रहते थे। जो कि करोड़ो रूपए की ठगी कर चुके है। विदेशी कंपनियों को गुमराह करने के लिए भारतीय ठगों ने जापानी भाषा सीखी थी। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट समेत अन्य तकनीकी सेवाएं देने के नाम पर गैंग करोड़ों की ठगी कर चुका है। आरोपी सॉफ्टवेयर असिस्टेंस के नाम पर ठगी करते थे। दिल्ली से कोचिंग लेकर जापानी भाषा सीखी थी। आरोपी इंदिरापुरम में ऑफिस खोलकर ठग गैंग चला रहे थे। जो कि जपानी बोलने में एक्सपर्ट है। इसलिए जपान के लोगों से जपानी भाषा में बात कर उनके साथ ठगी करते थे।