- नेहरू वर्ल्ड स्कूल के मंच पर नृत्य, अभिनय और कला का जादू
- देशभर से नामी स्कूलों ने दिखाई अपनी अद्भुत प्रतिभा
- कविता, नाट्य और फोटोग्राफी में छात्रों की रचनात्मक चमक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय अंतर्विद्यालय सांस्कृतिक उत्सव क्रियो 2025 का दूसरा दिन शुक्रवार को जबरदस्त उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। सुबह से ही कैंपस में बच्चों की भागीदारी, संगीत की लहरें और तालियों की गडग़ड़ाहट ने उत्सव का माहौल बना दिया। इस अवसर पर एग्जीक्यूटिव हैड सुश्री सुसन होम्स ने स्वागत भाषण में कहा कि इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी विद्यालयों और प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और अनुकूलन क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि क्रियो केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं, बल्कि यह बच्चों को जीवनभर याद रहने वाला अनुभव प्रदान करता है, जो उनके व्यक्तित्व और सोच को और निखारता है। दूसरे दिन के कार्यक्रमों में नृत्य, अभिनय, कविता-पाठ, कला, फोटोग्राफी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मुख्य आकर्षण बनीं। दर्शकों ने देखा कि कैसे बच्चे अपनी कला और रचनात्मकता के माध्यम से समाजिक सरोकारों और मानवीय भावनाओं को जीवंत कर रहे थे। कभी रंगोली और पेंटिंग में बच्चों की कलाकारी ने सबको मोहित किया तो कभी नृत्य और अभिनय ने मंच को ऊर्जा से भर दिया। कविता और नाट्य मंचन में छात्रों की अभिव्यक्ति और भावनाओं की गहराई ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस उत्सव में देशभर से कई नामी स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिनमें इनविक्टिस इंटरनेशनल स्कूल अमृतसर, सनबीम स्कूल वाराणसी, ऋषिकुल विद्यापीठ सोनीपत, ऋचमंड पब्लिक स्कूल दिल्ली, रिनायंस स्कूल बुलंदशहर, खेतान वर्ल्ड स्कूल, गुरुकुल द स्कूल, डीएलएफ साहिबाबाद, डीपीएसजी वसुंधरा, चौ. छबीलदास पब्लिक स्कूल, सालवान पब्लिक स्कूल, श्रीराम ग्लोबल स्कूल ग्रेटर नोएडा, परिवर्तन स्कूल और सेंट जेवियर हाई स्कूल जैसे कई विद्यालय शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपने हुनर से अपने-अपने स्कूल का नाम रोशन किया और दर्शकों को भी प्रभावित किया। पूरे दिन चली प्रतियोगिताओं में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। कहीं नृत्य की धुनों पर तालियां गूंज रही थीं तो कहीं अभिनय और संवादों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। फोटोग्राफी और कला में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का जो परिचय दिया, उसने साबित किया कि नई पीढ़ी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके पास कल्पना और कौशल का असीमित भंडार है।
हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों की तालियां और उत्साह ने बच्चों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। नेहरू वर्ल्ड स्कूल का परिसर पूरे दिन उत्सव और उमंग से गूंजता रहा। प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा होते ही विजेताओं के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। वहीं, जिन बच्चों को चेयरमैन अवॉर्ड के लिए चुना गया, उनके लिए यह पल जीवनभर का यादगार अनुभव बन गया। क्रियो 2025 का यह दूसरा दिन इस बात का प्रमाण रहा कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। असली शिक्षा वह है, जो छात्रों को आत्मविश्वास देती है, उन्हें मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती है और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती है। नेहरू वर्ल्ड स्कूल का यह प्रयास न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है, जिसने यह संदेश दिया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो हर सपना हकीकत बन सकता है।


















