किसानों को भूखंड आवंटन पत्र देने के लिए 6 जनवरी को लगेगा विशेष कैंप: नंद किशोर कलाल

  • जीडीए ने लॉटरी के जरिए 762 भूखंड किए आवंटित
  • किसानों को शिविर में पहचान पत्र और आवंटन पत्र की कॉपी साथ लानी होगी
  • 2004 से लंबित वादों को पूरा कर किसानों के अधिकार सुनिश्चित
  • समान मुआवजे के विवाद को सुलझाने के लिए विशेष समिति का गठन
  • भूखंड आवंटन के बाद किसानों को जल्द कब्जा भी मिलेगा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मधुबन-बापूधाम योजना के तहत प्रभावित किसानों को भूखंड आवंटन पत्र सौंपने के लिए आगामी 6 जनवरी मंगलवार को योजना क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। गुरुवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अपने कार्यालय में किसानों के साथ बैठक की और उन्हें इस शिविर के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादों के अनुसार लॉटरी ड्रा के माध्यम से 762 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। अब उन्हें उनके विशेष नंबर वाले भूखंड आवंटन पत्र शिविर में सौंपे जाएंगे। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के लिए वर्ष 2004 में करीब 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। उस समय प्रभावित किसानों से 6 प्रतिशत और 4 प्रतिशत विकसित भूखंड देने का वायदा किया गया था। यह योजना कुल 1374 एकड़ भूमि में फैली हुई है। गत 27 और 28 नवंबर को हिंदी भवन में किसानों की मौजूदगी में यह लॉटरी ड्रा आयोजित किया गया। इसके जरिए अब किसानों की कई लंबित समस्याओं का समाधान हुआ है। जीडीए ने किसानों से किया गया वादा पूरा कर दिया है और अब अगले चरण में भूखंड आवंटन पत्र देने का कार्य पूरा किया जा रहा है।

जीडीए उपाध्यक्ष ने किसानों से अपील की है कि वे 6 जनवरी को विशेष शिविर में अवश्य उपस्थित हों। शिविर में भूखंड आवंटन पत्र प्राप्त करने के लिए किसानों को भूखंड आवंटन पत्र की फोटो कॉपी और पहचान पत्र की फोटो कॉपी अधिकारियों को जमा करनी होगी। इस शिविर के माध्यम से जीडीए यह सुनिश्चित करेगा कि सभी आवंटित किसानों को उनके कानूनी दस्तावेज़ और कब्जा सही समय पर मिल जाए। हालांकि जीडीए ने प्रभावित किसानों को भूखंड आवंटित कर दिया है, लेकिन कई किसान समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसी विवाद को सुलझाने के लिए जीडीए ने विशेष समिति का गठन किया है। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि 762 भूखंड आवंटित हो चुके हैं और जल्द ही किसानों को कब्जा भी दे दिया जाएगा। समिति किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। मधुबन-बापूधाम योजना के तहत अधिग्रहित 800 एकड़ भूमि में से बाकी 281 एकड़ भूमि के किसानों ने मुआवजा कम दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2016 में आदेश दिया कि प्रभावित किसानों को नए भू-अधिग्रहण कानून के तहत बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाए। इस आदेश के बाद जीडीए ने मुआवजा प्रदान किया और भूमि का अधिग्रहण पूरा किया। अब प्रभावित किसान भी नए भू-अधिग्रहण एक्ट के तहत समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। यह विवाद अभी भी पूरी तरह से सुलझा नहीं है, लेकिन जीडीए की विशेष समिति सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लेगी। जीडीए ने स्पष्ट किया है कि भूखंड आवंटन पत्र देने के बाद किसानों को कब्जा भी तुरंत दे दिया जाएगा। इस कदम से मधुबन-बापूधाम योजना के प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद बढ़ गई है। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने किसानों से अपील की कि 6 जनवरी को शिविर में अवश्य उपस्थित हों और अपने दस्तावेज़ साथ लेकर आएं, ताकि आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।