- वीवीआईपी मंगल सोसायटी में एसीपी उपासना पांडे ने कार्यरत महिलाओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा और हेल्पलाइन जागरूकता की दी जानकारी
- पुलिस और समाज के सामूहिक प्रयास से ही महिलाएं होंगी निडर: उपासना पांडे
- मिशन शक्ति टीम, पिंक बूथ और एंटी रोमियो स्क्वाड की संयुक्त पहल से महिलाओं में जागा आत्मविश्वास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं नंदग्राम सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) उपासना पांडे ने एक बार फिर अपने संवेदनशील, सशक्त और जनसंपर्कमुखी कार्यशैली से महिलाओं के बीच विश्वास का मजबूत संदेश दिया है। मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत सोमवार, को उन्होंने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के सिटी जोन क्षेत्र के थाना नंदग्राम के अंतर्गत वीवीआईपी मंगल सोसायटी में महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उन्होंने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस अवसर पर मिशन शक्ति टीम, पिंक बूथ स्टाफ और एंटी रोमियो स्क्वाड टीम भी उपस्थित रही। एसीपी उपासना पांडे ने वहां कार्यरत महिलाओं से आत्मीय संवाद स्थापित किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हर पल तत्पर है। उन्होंने कहा, हर महिला में अपार शक्ति है, उसे बस यह एहसास होना चाहिए कि वह किसी भी परिस्थिति में असहाय नहीं है। पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों 112, 1090, 181 और 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन नंबरों पर कॉल करने से तत्काल पुलिस सहायता मिलती है और किसी भी प्रकार की असुविधा या अपराध की स्थिति में देर करना गलत होगा। एसीपी उपासना पांडे ने न केवल जानकारी दी बल्कि वास्तविक रूप से महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मिशन शक्ति टीम के साथ मिलकर कुछ सरल सेल्फ-डिफेंस तकनीकों का प्रदर्शन भी करवाया। उन्होंने महिलाओं को समझाया कि छोटे-छोटे उपाय और सजगता ही सबसे बड़ी सुरक्षा कवच हैं। सुरक्षा के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सोसायटी में कार्यरत महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन वितरित किए और कहा कि स्वस्थ रहना ही आत्मनिर्भरता का पहला कदम है। इस पहल से महिलाओं ने एसीपी उपासना पांडे की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास प्रेरणादायक है और समाज में वास्तविक बदलाव ला रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति टीम द्वारा पंपलेट वितरित किए गए जिनमें महिलाओं के कानूनी अधिकार, सुरक्षा उपाय और पुलिस सहायता के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपनी सहकर्मी और पड़ोसी महिलाओं को भी इस जानकारी से अवगत कराएं, ताकि समाज के हर स्तर पर सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके। एसीपी उपासना पांडे की नेतृत्व क्षमता और संवाद शैली कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही। उन्होंने महिलाओं के साथ सहजता से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उनकी यह संवेदनशीलता और व्यावहारिक दृष्टिकोण उन्हें एक जन-संवेदनशील और प्रभावशाली अधिकारी के रूप में स्थापित करता है।
उनकी कार्यशैली का यही प्रभाव है कि मिशन शक्ति अभियान केवल एक पुलिस पहल नहीं रहा, बल्कि समाज में महिला सुरक्षा के प्रति एक सशक्त आंदोलन का रूप ले चुका है। थाना नंदग्राम क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास भरा बल्कि पुलिस के प्रति एक भरोसेमंद छवि भी स्थापित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और सभी ने एक स्वर में कहा कि एसीपी उपासना पांडे जैसी अधिकारी हमारे बीच हों तो सुरक्षा का भरोसा हर दिल में जिंदा रहता है।

















