बलिया में अवैध शराब के खिलाफ युद्ध: आबकारी विभाग की सख्ती

-विशेष प्रवर्तन अभियान में आबकारी विभाग की टीम ने माफियाओं पर कसा शिकंजा
-लिलकर और कठौरा में आबकारी विभाग की सख्त कार्रवाई से भागे शराब माफिया
-आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की रणनीति से अवैध शराब निर्मूल का संकल्प

उदय भूमि संवाददाता
बलिया। जनपद बलिया में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह जड़ से खत्म करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की नीति और रणनीति लगातार सफल साबित हो रही है। जिले के देहात क्षेत्रों में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए विभाग की टीम दिन-रात मुस्तैद है। विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने ऐसा माहौल बना दिया है, जहां अवैध शराब बनाने वाले माफिया हिल रहे हैं और आमजन विभाग के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।
जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री, निर्माण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आबकारी विभाग की टीमें लगातार छापेमारी और चेकिंग कर रही हैं। विभाग की यह कार्रवाई जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है, जिससे अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों में डर और हड़कंप का माहौल बन गया है। मंगलवार को विभाग की टीम ने ग्राम लिलकर और कठौरा में दबिश दी। टीम ने गांव के प्रमुख स्थलों और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन मौके पर किसी प्रकार की अवैध शराब बरामद नहीं हुई। इस सफलता को विजय कुमार शुक्ला ने विभाग की सतत मेहनत और रणनीति की जीत बताया।

उनका कहना है कि लगातार निगरानी और छापेमारी से अवैध शराब के कारोबारियों पर दबाव बना रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में यह कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएगा। दबिश के दौरान विभाग की टीम ने ग्रामीणों को अवैध शराब के हानिकारक प्रभाव और इसके खिलाफ जागरूक करने का भी काम किया। लोगों को बताया गया कि अवैध शराब न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि समाज में अपराध और समस्याओं को भी बढ़ावा देती है। विजय कुमार शुक्ला ने इस दिशा में ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की और कहा कि विभाग और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही अवैध शराब का जड़ से उन्मूलन संभव है। आबकारी विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विजय कुमार शुक्ला की कार्यशैली बेहद प्रभावशाली और अनुशासित है।

उनके नेतृत्व में अभियान न केवल सख्ती से चलता है, बल्कि उसमें तकनीकी और रणनीतिक पुख्ता तैयारी भी शामिल होती है। हर छापेमारी और जांच में योजना पूर्वक कार्रवाई की जाती है, जिससे अवैध शराब के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं बचती। विभाग के कर्मचारियों का मानना है कि उनकी दृढ़ता और प्रतिबद्धता ही इस अभियान को सफल बना रही है। आबकारी विभाग का मानना है कि लगातार चल रहे अभियान और विजय कुमार शुक्ला के कुशल नेतृत्व से बलिया जल्दी ही अवैध शराब मुक्त जिले के रूप में पहचान बनाएगा। विभाग की टीम अब भी पूरी सतर्कता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और छापेमारी जारी रखेगी। अधिकारी यह भी बताते हैं कि इस अभियान से न केवल कानून का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि समाज में शराब से होने वाली समस्याओं पर भी लगाम लगेगी।